पानीपत:चुलकाना के सरपंच पर फर्जी दस्तावेजों से चुनाव लड़ने का आरोप,मामला दर्ज

पानीपत, 16 जनवरी (हि.स.)। पानीपत पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप में गांव चुलकाना के सरपंच के खिलाफ मएमला दर्ज किया है।

सरपंच सतीश पर आरोप है कि उसने गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर, चुनाव लड़कर जीत हासिल की। शिकायतकर्ता के अनुसार एक ही संस्थान से दो अलग-अलग जन्म तिथियों और विवरणों के साथ दसवीं कक्षा की दो मार्कशीट बनवाई और उनका चुनाव में गलत इस्तेमाल किया। पुलिस ने सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

गांव चुलकाना निवासी ऋषिपाल सैनी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि सरपंच सतीश कुमार ने सरकारी लाभ लेने और चुनाव लड़ने के लिए धोखाधड़ी का सहारा लिया। शिकायत के अनुसार, सतीश के पास भारतीय मुक्त विद्यालय शिक्षण संस्थान दसवीं कक्षा के दो अलग-अलग सर्टिफिकेट हैं, जिनमें न केवल पास होने का साल अलग है, बल्कि जन्मतिथि में भी करीब 11 साल का बड़ा अंतर है। रिकॉर्ड के अनुसार, सतीश कुमार की पहली मार्कशीट जून 2004 की है, जिसमें उनकी जन्मतिथि 2 मार्च 1984 दर्ज है और पिता का नाम 'मांगे राम' है। वहीं, उनकी दूसरी मार्कशीट अक्टूबर 2018 की है, जिसमें उनकी जन्मतिथि बदलकर 5 मई 1973 कर दी गई है और पिता का नाम 'मंगा राम' लिखा गया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरपंच ने अपनी सुविधानुसार उम्र और विवरण बदलकर प्रशासन को गुमराह किया है। सतीश की धोखाधड़ी का भांडा चुनाव लड़ने के दौरान फूटा। शिकायतकर्ता ऋषिपाल ने बताया कि यदि सतीश ने 2018 में 10वीं पास की, तो वे 2016 के चुनाव में सरपंच पद के लिए उम्मीदवार कैसे बने, जबकि उस समय भी मैट्रिक पास होना अनिवार्य था, अतः उन्होंने चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। थाना समालखा प्रभारी गुलशन कुमार ने बताया कि ऋषिपाल की शिकायत पर गुरुवार को अलग अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में भारतीय मुक्त विद्यालय शिक्षण संस्थान से दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि करने के बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा