राजौरी पुंछ में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही 10 की मौत 8 लापता

जम्मू, 20 जुलाई: जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में रविवार तड़के कई स्थानों पर बादल फटने और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 लोग लापता हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र में बादल फटने से आई बाढ़ और मलबे में 15 लोग बह गए या दब गए। सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने संयुक्त अभियान चलाकर 7 शव बरामद किए, जबकि 8 लोगों की तलाश जारी है। इस दौरान 3 लोग घायल भी हुए हैं। मर्रा गांव में एक मकान पूरी तरह बह गया, जिससे एक ही परिवार के 8 सदस्य लापता हो गए। इनमें से 3 शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 5 लोगों की तलाश जारी है। संगला गांव में भी एक मकान बह गया, जहां 1 व्यक्ति की मौत हुई और 3 लोग लापता हैं।

 


हवेली क्षेत्र में एक कच्चा मकान ढहने से नाज़िया कौसर की मौत हो गई, जबकि उनके पति मोहम्मद हाफिज गंभीर रूप से घायल हो गए। दो बच्चे भी इस हादसे में घायल हुए हैं।
राजौरी में बस स्टैंड पर तबाही, 20 वाहन बह गए राजौरी शहर में तड़के करीब 2:45 बजे थन्नामंडी, दरहाल और ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई। बेला कॉलोनी स्थित नए बस स्टैंड में नदी का पानी घुसने से 20 वाहन बह गए, जबकि करीब 40 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। बाढ़ में दुकानों, वर्कशॉप, मकानों, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा। अब्दुल्ला ब्रिज और तारिक ब्रिज के पास बनी झुग्गियों में रहने वाले 50 से अधिक परिवार बेघर हो गए।

 

 


बाढ़ में बहने से पिंकी देवी की मौत हो गई। वहीं, जल शक्ति विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अब्दुल गनी ड्यूटी के दौरान बह गए और अभी तक लापता हैं।
47 मकान और कई दुकानें क्षतिग्रस्त सुरनकोट क्षेत्र में 47 से अधिक मकान, पनचक्कियां और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बड़ी संख्या में मवेशी भी बाढ़ में बह गए। राजौरी में भी दर्जनों दुकानें, मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान नष्ट हो गए। 45 से अधिक लोगों को बचाया गया सेना, एसडीआरएफ, पुलिस, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर 45 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला। राजौरी में सेना ने 11 लोगों, जिनमें 5 बच्चे शामिल हैं, को बचाया। पुंछ और अन्य इलाकों में भी कई लोगों तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
राहत शिविर स्थापित, प्रशासन अलर्ट

 

 


राजौरी के सरकारी बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में राहत शिविर स्थापित किया गया है, जहां 50 से अधिक प्रभावित परिवारों को ठहराया गया है। प्रशासन द्वारा सूखा राशन, पीने का पानी, दवाइयां, कंबल, टेंट और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उपायुक्त अभिषेक शर्मा और एसएसपी गौरव सिकारवार ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया और पीड़ितों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। सड़कें, बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित भारी बारिश और भूस्खलन के कारण डीकेजी-बफलियाज रोड, मेंढर-मंकोट, उधमपुर-पंचेरी, कैंथगली-मौंगरी समेत कई सड़कें बंद रहीं। बिजली के कई पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से राजौरी और पुंछ के अनेक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

 


राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर समरोली और चेनानी-नाशरी सुरंग के पास भी भूस्खलन और सड़क क्षति के कारण यातायात प्रभावित रहा। 23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 19 से 23 जुलाई तक राजौरी, पुंछ, रियासी, उधमपुर, रामबन, जम्मू, कठुआ, सांबा, डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भारी बारिश, बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।