गंगासागर में कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम, 1700 करोड़ की लागत से बनने वाले कंक्रीट पुल का शिलान्यास करेंगी मुख्यमंत्री

कोलकाता, 04 जनवरी (हि. स.)। गंगासागर की संपर्क व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रस्तावित कंक्रीट पुल का शिलान्यास स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करेंगी। मुख्यमंत्री सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर सागरद्वीप जा रही हैं, जहां एक सरकारी कार्यक्रम के मंच से इस बहुप्रतीक्षित पुल की आधारशिला रखी जाएगी।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुल के निर्माण के बाद काकद्वीप के लॉट-8 से कचुबेरिया तक पहुंचने के लिए अब यात्रियों को फेरी या जलयान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे मूरीगंगा नदी पार करने की जटिलता समाप्त हो जाएगी और गंगासागर का मुख्य भूमि से स्थायी और निर्बाध संपर्क स्थापित होगा।

प्रशासन के अधिकारियों का मानना है कि इस पुल के बन जाने से गंगासागर पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

गंगासागर मेला तैयारियों की समीक्षा

इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री गंगासागर मेले की तैयारियों का भी जायजा लेंगी। मेले की बुनियादी संरचना, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल और परिवहन व्यवस्था को लेकर वे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगी। इसके अलावा, सोमवार शाम को मुख्यमंत्री के कपिलमुनि आश्रम में पूजा-अर्चना करने की भी संभावना है।

‘मॉडल ग्रीन मेला’ बनाने की तैयारी

वहीं, राज्य सरकार ने 2026 के गंगासागर मेले को देशभर के सामने एक ‘मॉडल ग्रीन मेला’ के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने, पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों के उपयोग और आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त वातावरण बनाए रखते हुए गंगासागर मेले को एक आदर्श धार्मिक आयोजन के रूप में विकसित करना ही इस पहल का उद्देश्य है।

उल्लेखनीय है कि 12 से 15 जनवरी के बीच गंगासागर में श्रद्धालु पवित्र स्नान करेंगे। इसे लेकर सागरद्वीप में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय