अधिकार के साथ करुणा जरूरी एलजी ने 29 जेकेपीएस अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
- MILAN SINGH JAMWAL
- Sep 18, 2026
श्रीनगर, 18 सितंबर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस सेवा (जेकेपीएस) के 29 नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने अधिकारियों से अपने अधिकारों का प्रयोग संवेदनशीलता और करुणा के साथ करने तथा समाज के कमजोर एवं असहाय वर्गों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल सरकारी सेवा में प्रवेश का दस्तावेज नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा अधिकारियों पर जताए गए विश्वास और सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह लोगों की गरिमा, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा करने का संकल्प भी है।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी के रूप में उनकी वास्तविक यात्रा अब शुरू हुई है। इस सेवा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा, कानून का शासन बनाए रखना और जनता की निःस्वार्थ सेवा करना होना चाहिए।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया से चुने गए अधिकारी
उपराज्यपाल ने कठिन और पारदर्शी चयन प्रक्रिया में सफलता प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से पूरा करने के लिए जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग की भी सराहना की।
मनोज सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में योग्यता आधारित भर्ती की नई व्यवस्था स्थापित हुई है। साधारण परिवारों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों के बच्चे भी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर सरकारी नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं। इससे युवाओं का व्यवस्था में विश्वास मजबूत हुआ है।
सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध बनें सुरक्षा कवच
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने और खाकी वर्दी धारण करने के बाद नवनियुक्त अधिकारी सीमा पार से सक्रिय आतंकी शक्तियों तथा जम्मू-कश्मीर के आम नागरिकों के बीच सुरक्षा कवच बनकर खड़े होंगे।
उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक नागरिक के लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण दायित्वों में से एक है और पुलिस अधिकारियों को इसे ईमानदारी, साहस एवं समर्पण से निभाना होगा।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस बल ने दशकों से प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए असाधारण साहस और समर्पण का परिचय दिया है। अनेक पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान भी दिया है।
बदल चुकी हैं आधुनिक पुलिसिंग की चुनौतियां
उपराज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियां पारंपरिक अपराधों तक सीमित नहीं हैं। कट्टरपंथ, आतंकवाद, साइबर माध्यमों का दुरुपयोग, क्रिप्टोकरेंसी और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए आतंकी वित्तपोषण जैसी नई एवं जटिल चुनौतियां सामने आ रही हैं।
उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से तकनीकी दक्षता विकसित करने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को तैयार करने और जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पूरे देश के सजग प्रहरी के रूप में कार्य करने को कहा।
निर्दोष को परेशान न करें, दोषी को छोड़ें नहीं
मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को पुलिस सेवा का मूल मंत्र देते हुए कहा—“निर्दोष को परेशान न करें और दोषी को छोड़ें नहीं।” उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को खाकी वर्दी पर गर्व होना चाहिए, लेकिन अपने विवेक और मानवीय संवेदनाओं को हमेशा सर्वोपरि रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों के पास कानून लागू करने का अधिकार होगा, लेकिन उस अधिकार के साथ करुणा, संवेदनशीलता और न्याय का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अधिकारियों को ईमानदारी और कर्तव्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।
वर्दी का सम्मान अधिकारी के आचरण पर निर्भर
उपराज्यपाल ने कहा कि वर्दी को मिलने वाला सम्मान उसे पहनने वाले अधिकारी की ईमानदारी, साहस, निष्पक्षता और आचरण पर निर्भर करता है। जनता के साथ पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जिससे लोगों का कानून और प्रशासन में विश्वास मजबूत हो।
उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, गरीबों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करने तथा न्याय के लिए अपने अधिकारों का प्रयोग करने को कहा।
एलजी ने अधिकारियों को ईमानदारी, साहस और विनम्रता के साथ आगे बढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्रों के साथ उन्हें जम्मू-कश्मीर के लोगों की आशाएं, सपने और विश्वास भी सौंपे गए हैं। प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है कि वह इस विश्वास का सम्मान करे और दृढ़ संकल्प के साथ जनता की सेवा करे।
उन्होंने विश्वास जताया कि नवनियुक्त अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश की शांति, सुरक्षा और प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

