कांग्रेस की समीक्षा बैठक में जन आंदोलनों की प्रगति पर मंथन, बिजली संकट पर सरकार को घेरा

कांग्रेस की समीक्षा बैठक में जन आंदोलनों की प्रगति पर मंथन, बिजली संकट पर सरकार को घेरा


जम्मू, 16 जनवरी । कांग्रेस पार्टी ने आज एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित कर अपने जनसंपर्क अभियानों, मनरेगा बचाओ संग्राम और “हमारी रियासत, हमारा हक” अभियान, की प्रगति और प्रभाव का आकलन किया। बैठक में लगातार हो रही बिजली कटौती, बेरोजगारी और स्थानीय समस्याओं को लेकर बढ़ते जन आक्रोश पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बैठक की अध्यक्षता पीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला ने की, जबकि अध्यक्षता पूर्व मंत्री एवं डीसीसी जम्मू (शहरी) अध्यक्ष योगेश साहनी ने की। बैठक में पूर्व मंत्री मुला राम, जी.एम. सरूरी, गुरबचन कुमारी राणा, ठाकुर मनमोहन सिंह सहित वरिष्ठ पार्टी नेता, ब्लॉक अध्यक्ष और जमीनी कार्यकर्ता शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए रमण भल्ला ने कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि लाखों ग्रामीण परिवारों के आर्थिक अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मजदूरी भुगतान में देरी, काम के अवसर घटाकर और जटिल डिजिटल प्रक्रियाओं के जरिए इस योजना को कमजोर किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि हर पात्र परिवार को उसका हक दिलाने के लिए सतर्क रहें। पूर्व मंत्री मूला राम ने स्थानीय दौरों के दौरान सामने आई समस्याओं—खराब बुनियादी ढांचा, कल्याणकारी योजनाओं में देरी, युवाओं के लिए रोजगार की कमी और नागरिक सुविधाओं के अभाव—पर प्रकाश डाला और कहा कि इन मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दर्ज कर प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए योगेश साहनी ने बिगड़ती बिजली व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अनियमित और लंबी बिजली कटौती से आम लोग, व्यापारी, छात्र और औद्योगिक इकाइयां बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि महंगे बिजली बिलों के बावजूद निर्बाध आपूर्ति न मिलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। पूर्व मंत्री जी.एम. सरूरी ने कहा कि “हमारी रियासत, हमारा हक” अभियान जम्मू-कश्मीर के लोगों की लोकतांत्रिक अधिकारों और जवाबदेह शासन की सामूहिक मांग की आवाज है। वहीं, गुरबचन कुमारी राणा और ठाकुर मनमोहन सिंह ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण आंदोलनों, घर-घर संपर्क और जनजागरूकता अभियान तेज करने का आह्वान किया। बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और सरकार पर दबाव बनाएगी।

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