पीएडीयू मशीन पर बवाल, राज ठाकरे ने जताई वोटिंग में गड़बड़ी की आशंका

मुंबई, 14 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र की 29 मनपा के चुनाव गुरुवार को कराए जाएंगे. लेकिन मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि आयोग ने उम्मीदवारों को बुधवार शाम 5 बजे तक घर-घर जाकर वोटरों से मिलने की अनुमति दी है. साथ ही राजनीतिक पार्टियों को बिना बताए ईवीएम से एक मशीन जोड़ने का फैसला किया गया है। उन्होंने मतदान में गड़बड़ी का संदेह जताते हुए मनसे और शिवसैनिकों को सतर्क रहने का आदेश दिया है।

शिवसेना (यूबीटी) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे बुधवार को अपने परिवार के साथ राज ठाकरे से मिलने उनके दादर स्थित शीवतीर्थ आवास पहुंचे थे। इसके बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज ने बताया कि 13 जनवरी को शाम 5 बजे कैंपेन खत्म हो गया. राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा है कि उम्मीदवार बुधवार शाम 5 बजे तक मतदाताओं से मिलने के लिए घर-घर जा सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कौन सी नई परंपरा शुरु की गई है। आज तक यह परंपरा थी कि इलेक्शन कैंपेन खत्म होने के दूसरे दिन खाली रहता था और अगले दिन वोटिंग होती थी। लेकिन यह सरकार क्या चाहती है? क्या आयोग सरकार के लिए काम कर रहा है? यह परंपरा लोकसभा और विधानसभा चुनाव में क्यों नहीं थी, यह आज ही क्यों आई? उम्मीदवार जाकर वोटर्स से मिल सकते हैं, लेकिन वे पर्चा नहीं बांट सकते. तो क्या उम्मीदवार पैसे बांटे?

राज ने आरोप लगाया कि ईवीएम से नई पीएडीयू मशीन (प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट) कनेक्ट करने का फैसला किया गया है। वह मशीन किसी भी राजनीतिक पार्टी को नहीं दिखाई नहीं गई है। हमने इस बारे में उद्धव ठाकरे के नाम से आयोग को पत्र लिखा है। यह कौन सी मशीन है? वे राजनीतिक पार्टियों को इसके बारे में बताना भी नहीं चाहते. चुनाव आयुक्त वाघमारे इसका जवाब देने को तैयार नहीं हैं। हमारा आरोप है कि आयोग सरकार की हार को जिताने में मदद कर रहा है। वह सरकार के लिए काम कर रहा है। उद्धव और राज ठाकरे ने बुधवार को सह परिवार मुंबा देवी का दर्शन किया।

पीएडीयू को लेकर मचे बवाल के बाद बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने साफ किया है कि पीएडीयू मशीन ईवीएम से जुड़ी होगी. यह एक एक्स्ट्रा छोटा डिवाइस है. यह एक बैकअप मशीन है. यह मशीन बीएचईएल कंपनी ने बनाई है. कंपनी ने बीएमसी चुनाव के लिए 140 पीएडीयू यूनिट भेजी हैं। इस सिस्टम से कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को जोड़ने के ऑर्डर हैं। अगर कंट्रोल यूनिट का डिस्प्ले अचानक बंद हो जाता है, तो पीएडीयू मशीन काम आएगी। इसका इस्तेमाल वोटिंग प्रोसेस के दौरान वोटर को जानकारी साफ और बड़े डिस्प्ले पर दिखाने के लिए किया जाएगा। पीएडीयू वीवीपैट की तरह पेपर रिसीट मशीन नहीं है। इस मशीन की ज़्यादा ज़रूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन बैकअप ऑप्शन के तौर पर मशीन उपलब्ध कराई गई है। अगर कोई इमरजेंसी सिचुएशन आती है, तो इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार