चरस बरामदगी मामला 18 साल पुराने एनसीबी मामले में दोषी को तीन साल की कैद

जम्मू, 23 अगस्त। जम्मू की विशेष एनडीपीएस अदालत ने करीब 18 साल पुराने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक मामले में दोषी को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे दो महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। एनसीबी के अनुसार मामला 3 दिसंबर 2008 का है। उस समय एनसीबी की टीम ने जम्मू के कश्मीर बस्ती इलाके में कार्रवाई करते हुए कुन्नू भारती उर्फ अभिनंदन के कब्जे से कथित तौर पर 960 ग्राम चरस बरामद की थी। इसके बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी।

 


मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी को वर्ष 2010 में जमानत मिल गई थी। एनसीबी के मुताबिक जमानत मिलने के बाद उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया और लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया से दूर रहा। इसके कारण मामले की सुनवाई वर्षों तक लंबित रही। बाद में एनसीबी को आरोपी के जम्मू की अम्फल्ला जेल में बंद होने की जानकारी मिली। इसके बाद अगस्त 2025 में एजेंसी ने उसे संबंधित अदालत के समक्ष पेश करवाया और पुराने मामले की सुनवाई दोबारा आगे बढ़ी।


लगातार चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष एनडीपीएस अदालत ने 11 अगस्त 2026 को मामले में फैसला सुनाते हुए कुन्नू भारती को तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि रिहाई से पहले दोषी को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 34 के तहत 20 हजार रुपये का बॉन्ड प्रस्तुत करना होगा, जिसके तहत वह भविष्य में इस तरह का अपराध नहीं करने का वचन देगा। एनसीबी जम्मू ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामले को उसके निष्कर्ष तक पहुंचाना यह संदेश देता है कि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया से बचने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। एजेंसी ने आम लोगों से भी नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन या तस्करी से संबंधित जानकारी मिलने पर संबंधित एजेंसियों को सूचित करने की अपील की है।