सरकारी स्टॉल आवंटन पर तृणमूल नेताओं के परिजनों को फायदा, घोटाले का आरोप
- Admin Admin
- Jan 09, 2026
कूचबिहार, 09 जनवरी (हि. स.)। कूचबिहार नगरपालिका के भवानीगंज बाजार में तीन सरकारी स्टॉल बेहद गोपनीय तरीके से आवंटित किए जाने का मामला शुक्रवार को सामने आया है। इस स्टॉल आवंटन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, इन तीन स्टॉलों में से एक स्टॉल एक नंबर वार्ड की तृणमूल कांग्रेस पार्षद चंदना महंत के पति दीपक महंत को दिया गया है। दूसरा स्टॉल तृणमूल पार्षद उज्ज्वल तर की पत्नी दीपाली तर के नाम पर आवंटित हुआ है। तीसरा स्टॉल रूपा दास मजूमदार को मिला है, जिन्हें लेकर आरोप है कि वे 19 नंबर वार्ड के तृणमूल पार्षद अभिजीत मजूमदार की भाभी हैं। हालांकि अभिजीत मजूमदार ने इस रिश्ते से इनकार किया है।
इस स्टॉल आवंटन को लेकर राज्य के नगर विभाग में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है। मामला सामने आते ही राजनीतिक महलों में हड़कंप मच गया है। विपक्ष ने तृणमूल शासित कूचबिहार नगरपालिका के चेयरमैन रवींद्रनाथ घोष पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
तृणमूल के ही कई पार्षदों का कहना है कि स्टॉल आवंटन को लेकर न तो किसी बोर्ड मीटिंग में चर्चा हुई और न ही कोई टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई। आरोप है कि चेयरमैन रवींद्रनाथ घोष ने एकतरफा फैसले लेकर स्टॉल बांटे। इस मुद्दे पर न सिर्फ विपक्ष, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी भारी असंतोष देखने को मिल रहा है।
नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन और वर्तमान पार्षद भूषण सिंह ने कहा, स्टॉल आवंटन को लेकर बोर्ड मीटिंग में कोई चर्चा नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि कर (टैक्स) वृद्धि समेत कई मुद्दों पर पहले से ही चेयरमैन रवींद्रनाथ घोष दबाव में हैं और उनकी कुर्सी खतरे में है। हाल ही में पार्टी की ओर से उन्हें पद छोड़ने के लिए पत्र भी दिया गया था। ऐसे में आरोप है कि पार्टी के भीतर अपना समर्थन मजबूत करने के लिए उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से कुछ पार्षदों के परिजनों को स्टॉल दिलवाए।
दस्तावेजों के अनुसार, एक दिसंबर 2025 को नगरपालिका के मार्केट ऑफिस इंचार्ज ने चेयरमैन को पत्र लिखकर बताया था कि भवानीगंज बाजार के ब्लॉक-डी के स्टॉल नंबर 11 और 16 लंबे समय से बंद पड़े हैं और उन्हें नगरपालिका के अधीन लेने का अनुरोध किया गया था।
दस दिसंबर को इन स्टॉलों का आवंटन और लाइसेंस रद्द कर दिया गया। इसके बाद 18 दिसंबर को चेयरमैन ने अधिसूचना जारी कर स्टॉल नंबर 16 दीपक महंत के नाम पर आवंटित किया। वहीं स्टॉल नंबर 11 को अलग-अलग रूप से दीपाली तर और रूपा दास मजूमदार के नाम पर आवंटित किया गया।
चेयरमैन रवींद्रनाथ घोष का कहना है, यदि बाजार में कोई स्टॉल खाली रहता है तो आवेदन के आधार पर निर्धारित सलामी देकर कोई भी उसे ले सकता है। वहीं भाजपा विधायक निखिल रंजन दे ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, उज्ज्वल तर ने किसी भी अनियमितता से इनकार करते हुए दावा किया है कि उनकी पत्नी को नियमानुसार ही स्टॉल आवंटित किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार



