फर्जी आधार-पैन से करोड़ों की ठगी, तीन आरोपित गिरफ्तार, पांच लग्जरी वाहन बरामद

नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने संगठित वाहन लोन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और मनगढ़ंत आईटीआर के जरिए विभिन्न बैंकों से वाहन लोन लेकर जानबूझकर किस्तें नहीं चुकाते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से मर्सिडीज, ब्रेजा, अल्ट्रोज, स्कॉर्पियो-एन और टोयोटा हिलक्स समेत पांच वाहन बरामद किए हैं।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त आदित्या गौतम ने रविवार को बताया कि 25 दिसंबर 2025 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपित वाहन दूसरी जगहों पर रजिस्ट्रेशन कराकर ट्रैकिंग से बचते थे और बाद में इन्हें बेच देते थे। तकनीकी विश्लेषण में यह भी पाया गया कि अलग-अलग नामों से बने आधार और पैन कार्ड पर लगी तस्वीरें एक ही व्यक्ति की थीं।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच के दौरान मुख्य आरोपित तिलक नगर निवासी अमन उर्फ श्याम सुंदर उर्फ राहुल कपूर (46) को 25 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कई फर्जी पहचान बनाकर बैंक खाते खुलवाने और उन्हीं खातों के जरिए वाहन लोन लेने की बात कबूल की। ये सभी लोन बाद में एनपीए घोषित हो गए।

आगे जांच के दौरान सह-आरोपित धीरज उर्फ आलोक उर्फ सिद्धार्थ, निवासी नजफगढ़, को 8 जनवरी को दबोचा गया। उसने भी अमन के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन लेकर वाहन बेचने की बात स्वीकार की।

इसी क्रम में फर्जी आधार कार्ड तैयार करने के नेटवर्क का खुलासा होने पर नजफगढ़ स्थित साईं दस्तावेज केंद्र के संचालक नरेश कुमार को 9 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से मोबाइल फोन, आई स्कैनर, बायोमेट्रिक स्कैनर, वेब कैमरा और पीवीसी कार्ड मशीन बरामद हुई।

पुलिस ने बताया कि अमन से तीन वाहन (टाटा अल्ट्रोज, मारुति ब्रेजा और मर्सिडीज) तथा धीरज से दो वाहन (स्कॉर्पियो-एन और टोयोटा हिलक्स) बरामद किए गए हैं। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी