शिमला : जमानत के लिए जाली दस्तावेजों का सहारा, अदालत को किया गुमराह, एफआईआर
- Admin Admin
- Jan 05, 2026
शिमला, 05 जनवरी (हि.स.)। राजधानी शिमला में अदालत से जमानत दिलाने के लिए जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिला अदालत चक्कर में एक महिला की जमानत करवाने के लिए जमीन से जुड़े फर्जी कागज़ात पेश किए गए और अदालत को गुमराह किया गया। मामला उजागर होने के बाद शिमला पुलिस ने इस संबंध में धोखाधड़ी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला न्यू शिमला के सेक्टर-3 स्थित रमेश भवन निवासी आशीष शर्मा पुत्र स्वर्गीय रमेश चंद शर्मा की शिकायत के आधार पर सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार राकेश कुमार ने ममता त्यागी की जमानत करवाने के लिए अदालत में जमीन के ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए, जो वास्तविक नहीं थे। शिकायत में कहा गया है कि इन दस्तावेजों को जानबूझकर फर्जी तरीके से तैयार किया गया और अदालत के समक्ष सही तथ्य छिपाए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राकेश कुमार ने जमानत की प्रक्रिया के दौरान जमीन से जुड़े कागज़ात को असली बताकर पेश किया, जबकि बाद में इनकी सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े हुए। इन्हीं कथित जाली दस्तावेजों के आधार पर जिला अशर्म से ममता त्यागी की जमानत करवाई गई। जब इस पूरे मामले की जानकारी सामने आई तो शिकायतकर्ता ने पुलिस से इसकी जांच की मांग की।
पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की गई। इसमें दस्तावेजों की सत्यता को लेकर संदेह पाया गया। इसके बाद मामले को गंभीर मानते हुए कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जमीन के कथित फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए, इन्हें कहां से प्राप्त किया गया और जमानत की प्रक्रिया में इनका किस तरह इस्तेमाल किया गया।
इस पूरे मामले में थाना बालूगंज शिमला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो पहले भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के अंतर्गत आता था।
पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि जांच के दौरान सभी संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा



