जोधपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। शहर के महामंदिर रेलवे क्रॉसिंग के समीप रहने वाले एक डॉक्टर से शातिर ने ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों की मेडिकल हैल्थ चैकअप के नाम पर फ्रॉड कर दिया। शातिर ने बैंक खाते से 1.98 लाख का फ्रॉड किया। घटना मई की है। पीडि़त डॉक्टर को जब ठगी का अहसास हुआ तो वे थाने पहुंचे मगर केस साइबर फ्रॉड का बताकर टाल दिया गया। तकरीबन नौ माह बाद अब कोर्ट में इस्तगासे के माध्यम से यह केस दर्ज हुआ है। अब पुलिस ने पड़ताल आरंभ की है। मामले में महामंदिर रेलवे क्रॉसिंग के समीप मेहता भवन में रहने वाले डॉक्टर अरविन्द मेहता पुत्र रमेशमल मेहता ने यह रिपोर्ट दी है।
रिपोर्ट के अनुसार उनका उक्त पते पर ही क्लिनिक आया है। गत 6 मई 25 को किसी शख्स ने फोन कॉल किया और उसने अपना परिचय भारतीय सेना का अधिकारी हूँ कहकर दिया। उसने कहा कि अभी ऑपरेशन सिन्दूर के लिए बोर्डर के लिये हमारी युनिट से सैनिक भेजने है जिसके लिये हम अपने यूनिट के सैनिको को आपके पाम 10-10 व्यक्तियो को भेजेंगे उसका चैकअप करके भेजना है।
भुगतान के लिए हमारे यूनिट का आर्मी कार्ड होता है, वह भुगतान के लिये अपने डिटेल में भेजना होगा। इस पर डॉक्टर मेहता उसकी बातों में आ गए। बाद में उस शख्स ने कहा कि आप अपने खाते का पूरा विवरण के साथ हम जो कार्ड भेज रहे है उस कार्ड की डिटेल अपने खाते में डालने पर आपके खाते में राशि प्राप्त हो जाएगी। डॉक्टर मेहता ने अपनी पत्नी के बैंक खाते की डिटेल कार्ड में एड किया तब पत्नी के बेक खाते में 1 लाख 98 हजार 525 रूपए निकल गए। ऐसे में तत्काल ठगी का अहसास हो गया।
पुलिस ने दर्ज नहीं किया प्रकरण :
रिपोर्ट में बताया कि वे बाद में महामंदिर थाने गए थे और पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने पर आनाकानी की है और कहा कि आप साइबर में रिपोर्ट दें और कहा कि कल आ जाना हम आपकी राशि वापिस दिलवा देंगे जिस विश्वास के साथ मैं उनकी बातों पर विश्वास करता रहा। लेकिन मेरी प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसकी ऑन लाइन शिकायत दर्ज की गई। बाद में 30 अक्टूबर को महामंदिर थाने और पुलिस आयुक्तालय को डाक से प्रेषित की, मगर केस दर्ज नहीं किया गया। अब कोर्ट के मार्फत यह केस दर्ज कराया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश



