शिमला, 14 जनवरी (हि.स.)। राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में पुलिस ने चिट्टे की तस्करी से जुड़े एक मामले में एक बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। यह मामला उस समय सामने आया जब पुलिस गश्त के दौरान इंजन घर के पास पहुंची और एक कार से चिट्टा बरामद किया गया। पुलिस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नशे का जाल अब समाज के पढ़े-लिखे और नौकरीपेशा वर्ग तक फैलता जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, 13 जनवरी की शाम थाना संजौली की पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान एक विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली कि इंजन घर की कार पार्किंग में एक बैंक कर्मचारी चिट्टा बेचने की गतिविधियों में संलिप्त है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार नंबर एचपी-63डी-5700 (ह्यूंडई आई-20) की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से कुल 4.270 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया।
आरोपी की पहचान विक्रम सिंह ठाकुर (28) निवासी जुब्बल, जिला शिमला के रूप में हुई है। आरोपित एक निजी बैंक में कर्मचारी बताया गया है। पुलिस ने मौके पर वाहन को जब्त कर लिया है।
इस मामले में थाना संजौली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपित को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस पर रिहा किया गया है और मामले की जांच थाना प्रभारी संजौली द्वारा की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपित किसी बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है या नहीं।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में चिट्टे की तस्करी और नशे के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। आए दिन पुलिस विभिन्न जिलों में चिट्टा तस्करों को पकड़ रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर 11 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद या पेशे से जुड़ा क्यों न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा



