नव वर्ष पर मंदिरों में भीड़: गोविंद देवजी व मोती डूंगरी गणेश मंदिर में लगा रहा भक्तों का तांता

नव वर्ष पर मंदिरों में भीड़: गोविंद देवजी व मोती डृंगरी गणेश मंदिर में लगा रहा भक्तों का तांतानव वर्ष पर मंदिरों में भीड़: गोविंद देवजी व मोती डृंगरी गणेश मंदिर में लगा रहा भक्तों का तांता

जयपुर, 1 जनवरी (हि.स.)। अंग्रेजी नववर्ष 2026 के आगमन पर गुरुवार को जयपुर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया। सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए शहर के प्रमुख मंदिरों की ओर उमड़ पड़े। मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर और गोविंद देवजी मंदिर अल सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया । मंदिर परिसर के सामने भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात को डायवर्ड कर मंदिर के बाहर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने नव वर्ष झांकियों का समय बढ़ाया ताकी सभी भक्तों को ठाकुरजी के दर्शन सुलभ तरीके से हो सकें। इसके बाद भी देर शाम तक मोती डूंगरी गणेश मंदिर और गोविंद देवजी मंदिर देर शाम तक भक्तों की भीड़ नजर आई। वहीं मंदिर प्रशासन ने एम्पलीफायर के जरिए बार -बार भक्तों को खुद का सामान सुरक्षित रखने व धक्का -मुक्की नहीं करने की अपील करता रहा।

जयपुर के आराध्य गोविंद देवजी मंदिर में नववर्ष के पहले दिन ठाकुरजी के दर्शन निर्धारित नौ घंटे से एक घंटा अतिरिक्‍त यानी दस घंटे तक कराए गए। मंगला झांकी में ढाई घंटे तक विशेष दर्शन हुए। इस झांकी में मंदिर के अंदर और बाहर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिर प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए जिससे सभी को सुगम दर्शन संभव हुए। श्रद्धालुओं का प्रवेश केवल मुख्य द्वार से रखा गया। जूते-चप्पल पहन कर आने वाले श्रद्धालुओं ने रैंप से दर्शन किए। वहीं बिना चप्पल-जूते वालों ने मंदिर छावण में से दर्शन किए। सुबह मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पीली पोशाक धारण कराई गई। ठाकुरजी को साफा धारण कराकर मोर मुकुट धारण कराया गया। चंदन और पुष्प श्रृंगार आकर्षण का केन्द्र रहा। सुबह से श्रद्धालुओं का मंदिर में तांता लग गया। हर मार्ग से केवल श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। सभी मार्गों से वाहनों का प्रवेश निषेध किया गया। लोग राधे राधे का जप करते हुए आराध्य देव के दर्शन करने पहुंचे।

सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने श्रृंगार झांकी में ठाकुरजी के दर्शन कर आरती उतारी। देहरी पूजन कर उन्होंने जयपुर और प्रदेश के सुख-शांति की ठाकुरजी से कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया। गोविंद देवजी मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने दुपट्टा धारण कराकर अभिनंदन किया। दर्शनार्थियों से नए साल की रामा श्यामा करते हुए नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं। मंदिर प्रवेश के दौरान गोपाल शर्मा ने महिला सफाई कर्मचारी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

नववर्ष के अवसर पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत पं. कैलाश शर्मा के सान्निध्य में छप्पन भोग की झांकी एक नए रूप में सजाई गई। सर्व प्रथम गणेश को सोने का मुकुट धारण करावाया गया पहली बार 56 प्रकार के लड्डूओं की झांकी सजाई गई। इस झांकी में पिस्ता, सीताफल, वनीला, स्ट्रॉबेरी जैसे आधुनिक फ्लेवर के लड्डुओं के साथ-साथ बेसन, मोतीचूर, नारियल, रवा-सूजी, आटा, मेवा, मलाई, चूरमा, मूंग, ड्राई फ्रूट और गुलकंद जैसे पारंपरिक लड्डू भी शामिल रहे। महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि यह प्रयोग भक्तों को भक्ति के साथ विविध स्वादों का अनुभव कराने के उददेश्य से किया गया। मंदिर में दर्शनों के लिए सात और निकास के लिए आठ बैरिकेटिंग बनाई गई। दर्शनार्थियों के वाहनों की पार्किंग सुबोध कॉलेज और राजस्थान यूनिवर्सिटीके सामने की गई। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने सुबह प्रथम पूज्य गणेशजी के दर्शन कर सभी के सुख-शांति की प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर महंत पं. कैलाश शर्मा से आशीर्वाद प्राप्त किया।

खोले के हनुमान मंदिर में सुबह 6 बजे हनुमान जी का विधिवत अभिषेक कर सिंदूर चोला अर्पित किया गया। श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर प्रत्येक दर्शनार्थी को नि:शुल्क लड्डू का प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं में इस व्यवस्था को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इसके अलावा गढ़ गणेश, आमेर के शिला माता, गलताजी, घाट केबालाजी, चांदपोल हनुमान जी, सांगानेरी गेट हनुमान जी, पापड़ वाले हनुमान जी, खिरणी फाटके गणेश जी मंदिर, हाथोज के दक्षिण मुखी बालाजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी साल के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे।

गुलाबी नगरी जयपुर में आस्था भक्ति, श्रद्धा के पावन केंद्र श्री अमरापुर स्थान में नववर्ष 2026 (गुरुवार) के प्रथम दिन की शुरुआत भक्तों ने गुरु एवं गोविन्द के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया । प्रातः 6 बजे मंगला दर्शन से रात्रि 9 बजे शयन तक भक्तों का दर्शनों के तांता लगा रहा । जयपुर के कोने कोने एवं आस पास के क्षेत्र सीकर, अजमेर, कोटा, किशनगढ़, खैरथल, ब्यावर, अलवर, जोधपुर, उदयपुर, चौमू , चाकसू , बस्सी, दौसा, टोंक , सवाई माधोपुर अमदाबाद, आदि शहरों से परिवार सहित भक्तों ने आकर श्री अमरापुर के प्यारे लडडू गोपाल जी एवं आचार्य के समक्ष पुष्प माला एवं मिष्ठान, नैवेद्य, फल आदि अर्पित कर मंगल आशीर्वाद लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश