हिमाचल में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर कारोबारी से 3.42 करोड़ की ठगी

शिमला, 02 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक व्यक्ति से करीब 3.42 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। शातिरों ने खुद को शेयर बाजार के अनुभवी विशेषज्ञ बताकर व्हाट्सऐप के जरिए ठगी का जाल बिछाया। पीड़ित शख्स सोलन का एक कारोबारी है। उन्होंने साइबर पुलिस स्टेशन शिमला में एफआईआर दर्ज करवाई है।

मामले के अनुसार पीड़ित को “VSL NHW”, “LKP NHWL” और “Shoonyamax” जैसे व्हाट्सऐप ग्रुप्स में जोड़ा गया, जहां ग्रुप एडमिन्स ने अपने नाम “सिया अरोड़ा”, “दीपा रसिमाने” और “चाणक्य” बताकर भरोसा जीता। इन ग्रुप्स में लगातार फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट, झूठी सफलता की कहानियां और कथित निवेशकों की प्रशंसा पोस्ट की जाती थी। साथ ही आईपीओ में पक्के अलॉटमेंट और गारंटीड रिटर्न का लालच दिया गया।

इसके बाद ठगों ने पीड़ित को नकली ट्रेडिंग ऐप और फर्जी वेबसाइट पर निवेश करवाया, जहां खाते में मुनाफा दिखाकर और ज्यादा पैसा डालने के लिए उकसाया गया। पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की, जो जांच में म्यूल अकाउंट पाए गए।

जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो उससे टैक्स, प्रोसेसिंग चार्ज और अकाउंट अनलॉक फीस के नाम पर और रकम मांगी गई। इसके बाद सभी संपर्क टूट गए और व्हाट्सऐप ग्रुप्स भी बंद कर दिए गए।

पुलिस का कहना है कि मामला धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, आपराधिक साजिश और साइबर अपराध से जुड़ा है, जिसकी गहन जांच कर आरोपियों की पहचान, पैसे के लेन-देन की कड़ी और खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है।

इस मामले ने एक बार फिर साफ किया है कि हिमाचल प्रदेश में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

हाल ही में साइबर पुलिस स्टेशन शिमला में भी ऐसा ही एक मामला दर्ज हुआ था, जहां ठगों ने सीबीआई अफसर बनकर शिमला के एक रिटायर्ड कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1.18 करोड़ रुपये की ठगी की थी, जिससे आम लोगों के लिए सतर्कता और जागरूकता पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा