चीन-ताइवान-पाकिस्तान-नेपाल नेटवर्क से संचालित अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट ध्वस्त
- Admin Admin
- Jan 10, 2026
नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट ने विदेश से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर लोगों को डराकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ करता था। इस गिरोह ने अब तक देशभर में हजारों लोगों को निशाना बनाकर करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। जांच में सामने आया है कि आरोपित खुद को एटीएस अधिकारी बताकर लोगों को पहलगाम और दिल्ली ब्लास्ट जैसे आतंकी मामलों से जोड़ने की धमकी देते थे और तत्काल गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे ऐंठते थे।
आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया किजांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल कर विदेश से आने वाली कॉल्स को भारतीय नंबरों में बदल देता था। कॉल्स को जानबूझकर 2जी नेटवर्क के जरिए रूट किया जाता था, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके। एक ही नंबर दिन में अलग-अलग शहरों से चलता दिखाई देता था, जिससे जांच एजेंसियां भ्रमित हो जाती थीं। सिमबॉक्स के आईएमईआई नंबर बार-बार बदले जाते थे, जिनमें पाकिस्तानी मूल के आईएमईआई नंबरों का इस्तेमाल किया गया। इससे यह मामला सिर्फ साइबर ठगी नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा बन गया।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार लगातार तकनीकी निगरानी के बाद स्पेशल सेल ने दिल्ली के गोयला डेयरी, कुतुब विहार, दीनपुर और शाहाबाद डेयरी में सिमबॉक्स ठिकानों का पता लगाकर छापेमारी की। यहां से दो स्थानीय ऑपरेटर शशि प्रसाद और परविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और दिल्ली एयरपोर्ट से ताइवान नागरिक आई-त्सुंग चेन को गिरफ्तार किया गया, जो पूरे नेटवर्क का तकनीकी मास्टरमाइंड था। वह अवैध रूप से सिमबॉक्स भारत में मंगवाकर इंस्टॉल कराता था। आगे जांच में मोहाली (पंजाब), कोयंबटूर (तमिलनाडु) और मालाड (मुंबई) में भी सिमबॉक्स सेटअप पकड़े गए। अब तक कुल 7 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह कंबोडिया में साइबर ठगी कैंपों में ट्रेनिंग दी गई। इसके अलावा चीनी और ताइवानी नागरिकों ने तकनीक और हार्डवेयर उपलब्ध कराया। पूछताछ में पता चला कि पाकिस्तानी हैंडलर ने फंडिंग, आईएमईआई मैनिपुलेशन और निर्देश दिए थे। इसके अलावा नेपाल को ऑपरेशन का कमांड सेंटर बनाया गया था। पुलिस ने अब तक 22 सिमबॉक्स, 120 विदेशी सिम, 10 भारतीय सिम, मोबाइल फोन, लैपटॉप, राउटर, सीसीटीवी कैमरे, पासपोर्ट और कंबोडिया के रोजगार कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक लैब और आई4सी की मदद से जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क से जुड़े 5,000 से ज्यादा आईएमईआई और 20,000 मोबाइल नंबर देशभर की हजारों साइबर शिकायतों से जुड़े हुए हैं। जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी



