दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव 2026 का शुभारंभ, शिक्षा मंत्री ने कहा-छात्र विकसित भारत के शिल्पकार

नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) के परिसर में दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव 2026 का आयोजन किया। इस अवसर पर छात्र उद्यमिता को बढ़ावा देने और दिल्ली को भारत की स्टार्टअप राजधानी के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आयोजन का शुभारंभ करते हुए कहा कि एनएसयूटी जैसे संस्थान केवल शैक्षणिक शिक्षा के केंद्र नहीं बल्कि नवाचार और राष्ट्र निर्माण के सशक्त केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि आज के छात्र ‘विकसित भारत’ के शिल्पकार हैं और यह महोत्सव एक परिवर्तनकारी “कैंपस से मार्केट” आंदोलन की शुरुआत है।

भारत की स्टार्टअप यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत में केवल तीन यूनिकॉर्न थे और सीमित स्टार्टअप इकोसिस्टम था। आज भारत में लगभग 125 यूनिकॉर्न हैं, जिनका संयुक्त मूल्यांकन 366 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। इसके साथ ही देश में 1.97 लाख से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। सूद ने बताया कि आज लगभग 45 प्रतिशत भारतीय स्टार्टअप महिलाओं के नेतृत्व में हैं। उन्होंने उद्यमिता को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार, दिल्ली को छात्र नवाचार की राजधानी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव एक प्रमुख वार्षिक मंच के रूप में विकसित होगा, जो विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आईआईटी, मेंटर्स, निवेशकों और उद्योग जगत को एक छत के नीचे लाकर एक मजबूत “कैंपस से मार्केट” इकोसिस्टम तैयार करेगा।

सूद ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार 325 करोड़ के प्रस्तावित परिव्यय के साथ पांच वर्षों के लिए दिल्ली स्टार्टअप नीति 2025 लाने का प्रस्ताव कर रही है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स को समर्थन देना है। इसके अंतर्गत दिल्ली स्टूडेंट सीड फंड की स्थापना की जा रही है।इस कार्यक्रम के तहत शीर्ष छह स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपये तक का इक्विटी-फ्री सीड ग्रांट दिया जाएगा, जबकि शीर्ष 100 छात्र स्टार्टअप्स को 1 लाख रुपये प्रत्येक की सहायता प्रदान की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव