डेनमार्क और ग्रीनलैंड में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन

कोपेनहेगन (डेनमार्क), 18 जनवरी (हि.स.)। अमेरिका की ग्रीनलैंड पर हर हाल में नियंत्रण करने की धमकी के बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन और ग्रीनलैंड की राजधानी नुउक में लोग सड़कों पर उतर आए। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन भी शनिवार को नुउक से अमेरिकी दूतावास तक किए गए प्रदर्शन में शामिल हुए। कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास के सामने भी हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है। ग्रीनलैंड की राजधानी नुउक में कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों लोगों ने 'ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है' के नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस कून्स और रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने कोपेनहेगन का दौरा किया। उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं को आश्वासन दिया कि ट्रंप का बयान अमेरिकी जनता की राय नहीं हैं और कांग्रेस संप्रभुता के सिद्धांतों का सम्मान करती है।

ग्रीनलैंड पर डेनमार्क और यूरोपीय देशों के विरोध के जवाब में ट्रंप ने कड़े आर्थिक कदम उठाने की घोषणा की है। यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप की टैरिफ धमकी पर प्रतिक्रिया दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक्स पोस्ट पर कहा कि फ्रांस यूरोपीय देशों की संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है। इसी आधार पर फ्रांस ने डेनमार्क का समर्थन किया है। मैक्रों ने कहा कि टैरिफ की धमकी अस्वीकार्य है।अगर टैरिफ लगाया गया तो सामूहिक जवाब दिया जाएगा। डेनमार्क के विदेशमंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी से वह हैरान हैं। ग्रीनलैंड में अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ाना आर्कटिक की रक्षा करना है।

स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा कि दूसरे यूरोपीय नेता भी मिलकर जवाब देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। क्रिस्टर्सन ने कहा कि स्वीडन किसी भी धमकी से नहीं डरेगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सहयोगियों को मिलकर काम करना चाहिए। सभी को टैरिफ की धमकियों के बारे में सीधे ट्रंप प्रशासन से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहयोगियों की सामूहिक सुरक्षा के लिए काम करने वाले देशों पर टैरिफ लगाना पूरी तरह से गलत है। यूरोपियन यूनियन के 27 सदस्य देशों के राजदूत रविवार को एक आपात बैठक में इस संबंध में चर्चा करेंगे। यह बैठक साइप्रस ने आहूत की है।

यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने संयुक्त बयान में कहा कि ट्रंप के टैरिफ संबंधों को कमजोर करने वाले हैं। यूरोप इस मामले में एकजुट है। सभी अपनी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यूरीपीय संघ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।

उन्होंने कहा, बातचीत जरूरी है और हम डेनमार्क साम्राज्य और अमेरिका के बीच पिछले हफ्ते शुरू हुई प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लिंक्डइन पर एक पोस्ट में ग्रीनलैंड की मंत्री नाजा नाथानिएलसन ने यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रिया की तारीफ की।

उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से इस द्वीप (ग्रीनलैंड) को हासिल करने की जरूरत है। यह द्वीप गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए बहुत जरूरी है ।उन्होंने रूस या चीन के ग्रीनलैंड को हासिल करने के प्रयासों के बारे में चिंता जताई है। डेनमार्क के नेताओं ने कहा है कि यह द्वीप बिक्री के लिए नहीं है और ग्रीनलैंड के निवासियों ने संभावित अधिग्रहण का विरोध किया है। इस बीच व्हाइट हाउस ने द्वीप पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल से इनकार नहीं किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद