जादवपुर में एसआईआर सुनवाई के लिए पहुंचे सुपरस्टार देव, उमड़ा प्रशंसकों का सैलाब
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- Jan 14, 2026
कोलकाता, 14 जनवरी (हि. स.)। बंगाली सिनेमा के सफल अभिनेता देव (दीपक अधिकारी) को बुधवार को दक्षिण 24 परगना जिलांतर्गत जादवपुर के काटजुनगर स्थित स्वर्णमंदिर विद्यापीठ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी सुनवाई के लिए बुलाया गया था। देव के सुनवाई में आने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सुबह से ही उत्सुकता चरम पर पहुंच गई। सैकड़ों-हजारों प्रशंसकों की भीड़ के साथ बड़ी संख्या में मीडिया वाहन मौके पर जमा हो गए।
नोटिस के अनुसार देव को दोपहर 12 बजे पहुंचना था, हालांकि वह करीब साढ़े 12 बजे सुनवाई केंद्र पहुंचे। अंदर वह लगभग 10 मिनट तक ही मौजूद रहे। सुनवाई के बाद जब मीडिया ने उनसे सवाल किया कि मतदाता के रूप में प्रमाण देने के लिए उनसे क्या पूछा गया, तो देव ने मुस्कुराते हुए कहा कि अंदर कई तस्वीरें खिंचवाईं, कई ऑटोग्राफ दिए और कुछ कागज़ों पर हस्ताक्षर किए।
इससे एक दिन पहले, मंगलवार को टॉलीवुड से जुड़े कई सदस्य राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाया था कि इतने कम समय में एसआईआर क्यों कराया जा रहा है और क्यों बंगाल के सीमांत और आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। इस मुद्दे पर देव ने कहा कि अगर एसआईआर कराना ही था तो एक साल पहले क्यों नहीं किया गया? चुनाव से कुछ महीने पहले ही यह प्रक्रिया क्यों शुरू की गई? सभी जानते हैं कि बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। नागरिक के तौर पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतने कम समय में एसआईआर क्यों किया जा रहा है।
पिछले शुक्रवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया था, जिसमें देव भी शामिल हुए थे। उस रैली में मंच से ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों, कवि-साहित्यकारों और खिलाड़ियों को सुनवाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भाजपा पर भी निशाना साधा था।
यह पूछे जाने पर कि क्या राजनीतिक प्रतिशोध के तहत देव को सुनवाई में बुलाकर परेशान किया गया, तृणमूल सांसद ने कहा कि परेशानी शब्द किसी भी राजनेता के लिए नया नहीं है। इस पार्टी में रहेंगे तो दूसरे पार्टी की ओर से परेशानी होगी, उस पार्टी में रहेंगे तो कोई और परेशान करेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया था। हालांकि, उनके विदेश में होने के कारण चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्ट किया था कि विदेश में रह रहे नागरिक अपने नजदीकी रिश्तेदार को सुनवाई केंद्र भेज सकते हैं। देव के मामले में यह प्रावधान लागू नहीं हुआ। देव दक्षिण कोलकाता के स्थायी निवासी हैं। उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया था, लेकिन इस दिन परिवार का कोई सदस्य सुनवाई केंद्र में नजर नहीं आया।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय



