महिषी के दिव्यांशु चौधरी अगरतला में मुख्य क्षेत्राधिकारी नियुक्त, ग्रामीणों ने जताया हर्ष
- Admin Admin
- Jan 11, 2026
सहरसा, 11 जनवरी (हि.स.)। भगवती उग्रतारा का पावन स्थल तथा महापंडित मंडन मिश्र की कर्मभूमि महिषी सदैव से विलक्षण प्रतिभाओं से समृद्ध रहा है। अतीत की यह गौरवशाली परंपरा आज भी इस ग्राम की युवा पीढ़ी के मेधावी छात्रो-छात्राओ, प्रतिभावान रचनाधमियों एवं कर्मनिष्ठ अध्येताओं और अध्यापकों की उपलब्धियों के माध्यम से अक्षुण्ण बनी हुई है।
महिषी के इन्हीं प्रतिभा संपन्न और होनहार सपूतों में एक हैं ग्रामगौरव स्व बलभद्र चौधरी के प्रपौत्र, समाजसेवी स्व सदाशिव चौधरी के पौत्र तथा साहित्यकार-संपादक, अंग्रेजी कवि और प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से शिक्षित दीपक चौधरी के सुपुत्र दिव्यांशु चौधरी। वर्तमान में वे भारत सरकार के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा नियुक्त मुख्य क्षेत्राधिकारी रबड़ बोर्ड तथा सहायक विकास पदाधिकारी अनुमंडलीय प्रभार के रूप में त्रिपुरा राज्य में कार्यरत हैं।दिव्यांशु चौधरी ने आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद गुजरात से कृषि विज्ञान विषय में बीएससी की उपाधि प्राप्त करते हुए स्वर्ण पदक सहित सर्वोच्च स्थान अर्जित किया। इसी अवधि में उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा आयोजित कनिष्ठ वाणिज्य कार्यकारी परीक्षा में पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त किया। साथ ही उन्होंने भारतीय खाद्य निगम की चयन परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की।तत्पश्चात उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से मान्यताप्राप्त इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ व्हीट एंड बार्ली रिसर्च, करनाल (हरियाणा) से पादप आनुवंशिकी विषय में स्नातकोत्तर शिक्षा पूर्ण की, जहाँ उन्होंने पुनः अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त ICAR द्वारा आयोजित JRF परीक्षा में उन्होंने 11वाँ स्थान तथा एसआरएफ परीक्षा में 7वाँ स्थान प्राप्त किया।उन्होंने अपनी प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा जी.डी. गोयनका स्कूल, पश्चिम विहार, नई दिल्ली से प्राप्त की और निरंतर अध्ययन में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। बचपन से ही उनका लक्ष्य एक शोधकर्ता एवं वैज्ञानिक के रूप में राष्ट्र एवं समाज के विकास में सक्रिय योगदान देना रहा है।अब तक की उनकी उपलब्धियाँ यह दर्शाती हैं कि वे अपने लक्ष्य के प्रति न केवल सजग हैं, बल्कि उसे प्राप्त करने की दिशा में पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ अग्रसर भी हैं। भगवती की कृपा, बड़ों के आशीर्वाद तथा सतत मार्गदर्शन से वे निस्संदेह भविष्य में उपलब्धियों की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।उनकी इस गौरवमयी उपलब्धि पर महिषी सहित आसपास के लोगों ने अतीव प्रसन्नता व्यक्त की है।
हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार



