किश्तवाड़ चतरू की नाबालिग छात्रा की मौत पर डोडा में उबाल, विद्यार्थियों ने सड़क जाम की

डोडा, 22 अगस्त। किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र की नाबालिग छात्रा की कथित यौन उत्पीड़न और गर्भपात के प्रयास के बाद हुई मौत को लेकर शनिवार को डोडा में विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज (GDC) डोडा के छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और यातायात अवरुद्ध कर पीड़िता के लिए न्याय की मांग की।

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर कथित यौन उत्पीड़न से लेकर छात्रा की मौत तक की पूरी घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

विद्यार्थियों ने कहा कि केवल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से जांच पूरी नहीं मानी जा सकती। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि छात्रा का कथित गर्भपात कराने का प्रयास किसने किया, दवाइयां कहां से उपलब्ध कराई गईं और उसकी बिगड़ती हालत के बावजूद समय पर उचित चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिल सकी।

शिक्षक और उसका भाई गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में आरोपी शिक्षक खालिद अहमद शेख और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी इंदरवाल क्षेत्र के बुमालपोरा स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में ग्रेड-द्वितीय शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात था। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने उसे निलंबित कर दिया है।

चतरू पुलिस थाने में FIR संख्या 34/2026 दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की दुष्कर्म, आपराधिक साजिश, गर्भपात के उद्देश्य से किए गए कृत्य के कारण मौत तथा गर्भस्थ शिशु की मृत्यु से संबंधित धाराओं के साथ POCSO अधिनियम के प्रावधान लगाए गए हैं।

कई महीनों तक उत्पीड़न का आरोप

पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार नाबालिग छात्रा का आरोपी शिक्षक ने कथित रूप से कई महीनों तक यौन उत्पीड़न किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। करीब दो सप्ताह पहले पेट दर्द की शिकायत के बाद कराई गई चिकित्सा जांच में उसके गर्भवती होने का पता चला था।

बताया जा रहा है कि इसके बाद छात्रा ने अपने परिजनों को आरोपी शिक्षक का नाम बताया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मामला सामने आने पर परिवार को पैसे की पेशकश करने और पुलिस के पास नहीं जाने के लिए दबाव बनाने का भी प्रयास किया गया। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।

रास्ते में हुई छात्रा की मौत

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा को कथित तौर पर गर्भपात कराने के लिए किश्तवाड़ स्थित एक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। बाद में उसकी हालत गंभीर हो गई और उसे डोडा लाया गया। डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए उसे जम्मू रेफर कर दिया, लेकिन बटोत के पास रास्ते में उसकी मौत हो गई।

पुलिस कथित गर्भपात के प्रयास, इस्तेमाल की गई दवाइयों और इस प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि छात्रा को किन-किन स्वास्थ्य संस्थानों में ले जाया गया और वहां उसे क्या उपचार दिया गया।

चिनाब घाटी में तेज हुई न्याय की मांग

छात्रा की मौत के बाद चतरू में बंद रखा गया और स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। किश्तवाड़, मुगल मैदान और आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई।

अब GDC डोडा के विद्यार्थियों के सड़क पर उतरने से न्याय की मांग पूरी चिनाब घाटी में तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और कानूनी सहायता देने के साथ मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की मांग भी की।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग पीड़िता की पहचान कानून के प्रावधानों के तहत गोपनीय रखी गई है।