पर्यावरण फिल्म महोत्सव में डॉ. प्रियंका भारती ‘पृथ्वी मित्र पुरस्कार’ से सम्मानित

डॉ. प्रियंका भारती को ‘प्रिथ्वी मित्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया*डॉ. प्रियंका भारती को ‘प्रिथ्वी मित्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया*डॉ. प्रियंका भारती को ‘प्रिथ्वी मित्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया*डॉ. प्रियंका भारती को ‘प्रिथ्वी मित्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया*

गोरखपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण एवं जल गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली युवा वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका भारती को रविवार काे पृथ्वी मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार हेरिटेज फाउंडेशन, गोरखपुर वन प्रभाग, शहीद अशफाक उल्लाह खान चिड़ियाघर (गोरखपुर जू) तथा अर्थ मैटर्स फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पर्यावरण फिल्म महोत्सव 2026 (11 से 13 जनवरी) के उद्घाटन सत्र में प्रदान किया गया।

डॉ. प्रियंका भारती दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में शोधकर्ता एवं इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी विभाग में फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने प्रो. शरद कुमार मिश्रा के निर्देशन में बायोटेक्नोलॉजी विभाग से हाल ही में अपनी पीएचडी सफलतापूर्वक पूर्ण की है।

उनका मुख्य शोध आर्सेनिक बायोरेमेडिएशन (Arsenic Bioremediation) पर केंद्रित रहा है। डॉ. प्रियंका के नाम कुल 16 पेटेंट तथा 21 से अधिक कॉपीराइट दर्ज हैं। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि लो-कॉस्ट रैपिड आर्सेनिक टेस्टिंग किट का पेटेंट है, जो जल में आर्सेनिक की उपस्थिति का तेज, सटीक एवं अत्यंत किफायती तरीके से पता लगाने में सक्षम है। यह आविष्कार विशेषकर ग्रामीण एवं आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक क्रांतिकारी समाधान साबित हो रहा है, जहां प्रयोगशाला सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती है।

पर्यावरण फिल्म महोत्सव के इस सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, छात्र, शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। डॉ. प्रियंका भारती का यह पुरस्कार युवा वैज्ञानिकों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि समर्पित शोध से पर्यावरण संरक्षण एवं जन-स्वास्थ्य दोनों को लाभ पहुँचाया जा सकता है। प्रियंका भारती ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा कि यह सम्मान कुलपति प्रो पूनम टण्डन की प्रेरणा, शोध निर्देशक प्रो शरद कुमार मिश्र के निर्देशन तथा बायोटेक्नोलाजी विभाग के सभी शिक्षकों के सहयोग मे शोधकार्य करने पर मिला है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय