सऊदी की 27 साल की कमाई से बना सपनों का घर फ्लैश फ्लड में तबाह, पुंछ में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत
- MILAN SINGH JAMWAL
- Jul 23, 2026
पुंछ, 23 जुलाई: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के बुफलियाज (मुर्रा गांव) में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने एक परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। सऊदी अरब में 27 वर्षों तक मजदूरी कर अपने सपनों का घर बनाने वाले हाजी मोहम्मद लतीफ ने इस हादसे में अपनी पत्नी, बच्चों, बेटी, पोते समेत परिवार के 8 सदस्यों को खो दिया मूसलाधार बारिश के कारण रविवार तड़के आए अचानक सैलाब और भूस्खलन ने उनका आलीशान घर कुछ ही मिनटों में मलबे में तब्दील कर दिया। गांव में इस घर को लोग "ताजमहल" के नाम से जानते थे।
अब लतीफ की सिर्फ एक ही गुहार है कि प्रशासन जल्द से जल्द जेसीबी मशीनें भेजकर मलबे में दबे उनके पांच परिजनों के शव बाहर निकाले। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं।
लतीफ ने कहा, "मैंने 27 साल सऊदी अरब में मजदूरी की। अपनी हर कमाई इस घर और बच्चों की पढ़ाई पर लगाई। मेरा सपना था कि मेरे बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल करें और जीवन में आगे बढ़ें। लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया।"
उन्होंने हादसे की रात को याद करते हुए बताया कि सुबह करीब 3 बजे तेज बारिश के कारण वह नाले के पास खड़ी अपनी गाड़ी हटाने गए थे। पत्नी ने उन्हें टॉर्च, जूते, छड़ी और गाड़ी की चाबी दी थी। गाड़ी सुरक्षित स्थान पर खड़ी करने के बाद जब वह लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी करीब 3:29 बजे तेज गर्जना के साथ पहाड़ से मलबा और पानी का सैलाब आया, जिसने उनका पूरा घर बहा दिया।
इस हादसे में उनकी पत्नी नूर सफिया (59), बेटे साजिद अहमद (16), हकनवाज अहमद (11), शहनवाज अहमद (11), बेटी खालदा कौसर (25), दो वर्षीय पोता सोफियान, बानो बी (60) और मोहम्मद अकरम (7) की मौत हो गई।
लतीफ ने भावुक होकर कहा, "घर चला गया, इसकी मुझे परवाह नहीं। सबसे बड़ा दुख मेरा परिवार है। अल्लाह ने घर दिया था, उसने वापस ले लिया। लेकिन मैं चाहता हूं कि मेरे अपनों के शव मिल जाएं, ताकि उन्हें आखिरी विदाई दे सकूं।"प्रशासन के अनुसार, भूस्खलन से गांव तक जाने वाला रास्ता कई जगह बंद है, जिससे जेसीबी और अन्य भारी मशीनें घटनास्थल तक नहीं पहुंच पा रही हैं। सड़क बहाल करने का काम जारी है और रास्ता खुलते ही राहत एवं बचाव अभियान को और तेज किया जाएगा।

