धमतरी जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी कर रहे आठ एचएम बर्खास्त

धमतरी , 08 जनवरी (हि.स.)। धमतरी जिले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे पिछले 19 सालों से नौकरी कर रहे आठ प्रधानपाठकों को जिला शिक्षा विभाग धमतरी ने पद से बर्खास्त कर एक बड़ी कार्रवाई की है, इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकांश शिक्षक मगरलोड ब्लाक के है, जो वर्ष 2007 से कई फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी पर कर रहे थे।

जिला शिक्षा कार्यालय से गुरुवार काे मिली जानकारी के अनुसार जिले के आठ प्रधानपाठकों व शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। यह सभी शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे थे। वर्ष 2007 में हुए शिक्षाकर्मी भर्ती के तहत ये सभी नौकरी पर लगे हुए थे। फर्जी ढंग से लगे इन शिक्षकों की शिकायत शासन स्तर से हुई थी। जांच चल रही थी। सूचना के अधिकार के तहत कुछ शिक्षकों के शैक्षणिक और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक हुए, तो इस पर भी जांच की गई। जिसमें भारी गड़बड़ी मिली है। विभागीय जांच में प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज फर्जी मिले हैं। शासन के आदेशानुसार इन शिक्षकों को सीधे पद से बर्खास्त कर दिया गया है। इन शिक्षकों ने गलत ढंग से नौकरी पाई थी। ये सभी शिक्षक वर्ष 2018 में संविलियन का भी लाभ प्राप्त कर लिया था। पदोन्नति पाकर प्रधानपाठक भी बन गए थे।

इन प्रधानपाठकों को किया गया है बर्खास्त

शासकीय प्राथमिक शाला विश्रामपुर धमतरी के लखनलाल साहू को बर्खास्त कर दिया गया है। शिकायत के बाद इसे पूर्व से निलंबित किया गया था। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला सोनारिनदैहान मगरलोड की ईश्वरी निर्मलकर, शासकीय प्राथमिक शाला भरदा की मंजू खुंटेर, शासकीय प्राथमिक शाला भाठापारा दुधवारा की युकेश, शासकीय प्राथमिक शाला खिसोरा की लता साहू, शासकीय प्राथमिक शाला करेलीछोटी मगरलोड के हेमंत कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला थानापारा सिहावा-नगरी के पूनम सोनवानी, जो कि वर्तमान में पदोन्नत होकर शासकीय प्राथमिक शाला कर्राघाटी में पदस्थ है। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला चटर्रीबाहरा नगरी के हरिशंकर साहू शामिल है। जिन प्रधानपाठकों पर कार्रवाई हुई है, उनमें सबसे ज्यादा मगरलोड ब्लाक के है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि यह प्रथम चरण की कार्रवाई है। कुछ अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी जांच जारी है, शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि धमतरी और मगरलोड ब्लाक में हुए शिक्षाकर्मी भर्ती फर्जीवाड़ा में अभी भी बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे बड़ी संख्या में शिक्षक नौकरी कर रहे हैं, इनके खिलाफ भी गंभीरता से जांच होने पर गाज गिर सकती है। इस संबंध में धमतरी डीईओ अभय जायसवाल ने कहा कि नियम विरूध्द नौकरी कर रहे शिक्षकों पर शासन के नियमानुसार कार्रवाई की गई है। नियम विरूध्द नौकरी कर रहे शिक्षकों की जांच जारी है। शासन के नियम को धता बताकर नौकर करने वालों पर कड़ी कारवाई होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा