हाथी आतंक के बीच एसआईआर सुनवाई, विशेष केंद्र की व्यवस्था

पश्चिम मेदिनीपुर, 16 जनवरी (हि. स.)। जिले के शालबनी इलाके में हाथियों की मौजूदगी के चलते आम लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को (विशेष पहचान सत्यापन) की सुनवाई के लिए विशेष केंद्र की व्यवस्था की है।

इन दिनों एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया जारी है। जंगलमहल क्षेत्र के कई लोगों को विभिन्न कारणों से सुनवाई का नोटिस मिला है। नियम के अनुसार सात से दस दिनों के भीतर नोटिस जारी कर निर्धारित तिथि पर कैंप में उपस्थित होना अनिवार्य है। लेकिन पश्चिम मेदिनीपुर के जंगलमहल इलाके में सैकड़ों हाथियों की आवाजाही के कारण सुनवाई केंद्र तक पहुंचना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया था।

इस समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने राज्य चुनाव आयोग को स्थिति से अवगत कराया था। इसके बाद गुरुवार को शालबनी ब्लॉक के पिराकाटा कम्युनिटी हॉल में विशेष सुनवाई केंद्र खोला गया। इस केंद्र में शालबनी और मेदिनीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई गांवों के लोगों की सुनवाई की जा रही है।

शालबनी के बीडीओ रोमन मंडल ने बताया कि ब्लॉक में दो विधानसभा क्षेत्रों के गांव आते हैं। कलसिवांगा, सातपाती, कलाइमुड़ी, गड़माल, लालगेड़िया और भीमपुर सहित कई गांवों के निवासियों को शुक्रवार से सुनवाई के लिए बुलाया गया है और उसी अनुसार नोटिस जारी किए गए हैं।

मेदिनीपुर सदर की एसडीओ व ईआरओ मधुमिता मुखर्जी ने कहा कि इलाके में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि हाथी आतंक के कारण ग्रामीणों को सुनवाई केंद्र तक आने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए उनके गांवों के पास ही विशेष सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं, ताकि हाथियों की स्थिति को ध्यान में रखकर लोग सुरक्षित रूप से पहुंच सकें।

साथ ही, वन विभाग के कर्मचारियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हाथियों के आबादी क्षेत्र में आने पर उन्हें जंगल की ओर लौटाने के लिए तैनाती बढ़ा दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता