
जींद, 15 जनवरी (हि.स.)। केंद्र ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त आह्वान पर गुरूवार को जाट धर्मशाला में महासम्मेलन का आयोजन किया गया। महासम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर, कर्मचारी और किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की और 12 फरवरी को हड़ताल करने का ऐलान किया गया। महासम्मेलन में हड़ताल की ऐतिहासिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए संकल्प लिया गया और 31 जनवरी तक सभी जिलों में मजदूर, कर्मचारी व किसानों के संयुक्त सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया गया। महासम्मेलन अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, इंटक के राज्य प्रधान अमित यादव और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता एवं छज्जू राम कंडेला व ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी ने संयुक्त रूप से की।
महासम्मेलन को संबोधित करते हुए नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर के संयोजक व सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता ने बतौर मुख्य वक्ता संबोधित किया।
न्यूक्लियर एनर्जी कानून (शांति) विधेयक को आनन-फानन में में पारित कर नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल कर इस क्षेत्र को निजी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए खोल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने के लिए भी बिजली अमेंडमेंट बिल का मसौदा जारी कर दिया है और इस बिल को बजट सत्र में पास कर दिया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार आगामी सत्र में बीज विधेयक पारित कर किसानों के बीज को ही समाप्त करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि एसकेएम से जुड़े हजारों की संख्या में किसान बिजली अमेंडमेंट बिल, शांति को बीज विधेयक के खिलाफ 12 फरवरी को सड़कों पर उतरेंगे और राष्ट्रीय आम हड़ताल का समर्थन करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा



