गोलाघाट (असम), 5 जनवरी (हि.स.): असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि राज्य में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि असम में 20 लाख बीघा से अधिक भूमि इस समय अवैध कब्जे में है और सरकार ऐसे सभी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराएगी। मुख्यमंत्री सोमवार को सरूपथार में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पीपुल्स पल्स नामक संस्था के एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल दिखाए जा रहे नतीजे न्यूनतम और प्रारंभिक हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अभी और आगे जाना है तथा वास्तविक स्थिति फरवरी में और अधिक स्पष्ट होगी। उन्हाेंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक एजीपी–भाजपा के बीच सीटों को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य जनता का आशीर्वाद प्राप्त करना है और उन्हें पूरा विश्वास है कि जनता के समर्थन से राज्य में भाजपा के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि असम में उपाधि या पहचान आधारित राजनीति नहीं चलती, बल्कि यहां विकास की राजनीति को ही स्वीकार किया जाता है। अखिल गोगोई और गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यह समझने में असफल रहे हैं कि असम में इस तरह की राजनीति नहीं चलती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता स्वयं ऐसे बयान देते हैं जिनसे असम को नेपाल या बांग्लादेश बनाने की बात सामने आती है और चेतावनी दी कि उन्हें वोट देना राज्य के हित में नहीं होगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सरुपथार में बरपथार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नव-निर्मित भवन का उद्घाटन किया और कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश



