बिना गाइड के एवरेस्ट तक पहुंचा यमुनानगर का दुष्यंत जौहर

यमुनानगर, 07 जनवरी (हि.स.)। यमुनानगर के 27 वर्षीय युवक दुष्यंत जौहर ने बिना किसी गाइड और बिना बाहरी सहायता के माउंट एवरेस्ट तक की अत्यंत कठिन यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। दुष्यंत के पिता जगदीश बिश्नोई यमुनानगर पुलिस के स्पेशल सेल में बतौर इंस्पेक्टर तैनात हैं। दुष्यंत अपने एक साथी के साथ 5364 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचे। यह यात्रा कुल 153 किलोमीटर लंबी रही, जिसे दोनों युवकों ने महज 11 दिनों में पूरा किया,जिसमें 8 दिन कठिन चढ़ाई और 3 दिन वापसी में लगे। बर्फीले रास्ते, ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड और दुर्गम पहाड़ी ट्रैक—इन तमाम चुनौतियों के बावजूद दुष्यंत ने बिना किसी गाइड के यह यात्रा पूरी कर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादा और कड़ी तैयारी असंभव को भी संभव बना सकती है। दुष्यंत की इस उपलब्धि पर यमुनानगर के पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने बुधवार काे उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दुष्यंत जैसे युवा समाज के लिए प्रेरणा हैं और यह सफलता युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है। विशेष बातचीत में दुष्यंत जौहर ने बताया कि खेलों ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया। वह पहले स्टेट साइकिलिंग चैंपियन रह चुके हैं और कई मैराथन दौड़ों में जीत हासिल कर चुके हैं। पिछले वर्ष उन्होंने नेपाल का 90 किलोमीटर लंबा कठिन ट्रैक भी सफलतापूर्वक पूरा किया था। उसी अनुभव ने उन्हें माउंट एवरेस्ट क्षेत्र तक पहुंचने का आत्मविश्वास दिया। दुष्यंत ने कहा, “यह यात्रा बेहद कठिन थी, लेकिन आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने मुझे आगे बढ़ाया। ठंड और ऊंचाई ने कई बार परीक्षा ली, लेकिन हार मानना विकल्प नहीं था।”उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य 8000 मीटर की ऊंचाई तक पैदल यात्रा करना है। इसके साथ ही वह यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी कर रहे हैं, ताकि प्रशासनिक सेवा में जाकर देश और समाज की सेवा कर सकें। अपने बेटे की इस उपलब्धि पर पिता जगदीश बिश्नोई और माता रामकली ने गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुष्यंत ने मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से यह मुकाम हासिल किया है। माता-पिता ने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेल और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार