गुवाहाटी, 09 जनवरी (हि.स.)। गुवाहाटी के मालीगांव बीजी कॉलोनी से मिलन नगर जाने वाले मार्ग के समीप स्थित रेलवे भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अंततः रेल विभाग ने कड़ा कदम उठाया। रेलवे के विकासात्मक परियोजनाओं के हित में शुक्रवार सुबह से अभियान चलाकर लगभग चार बीघा रेलवे भूमि से करीब सौ से अधिक परिवारों को हटाया गया। ये भूमि लंबे समय से जलाशय को भरकर अवैध रूप से आवास और अन्य उपयोग में लाई जा रही थीं।
रेलवे प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से कुछ संदिग्ध परिवार इस क्षेत्र में अवैध रूप से झोपड़ियां बनाकर रह रहे थे। रेलवे विभाग के सहायक अभियंता (एईएन) ने बताया कि रेलवे रिकॉर्ड के अनुसार दाग नंबर 301, 303, 723 और 724 की भूमि रेलवे की संपत्ति है और इन पर अवैध कब्जा किया गया था। शुक्रवार के अतिक्रमण हटाओ अभियान में इन जमीनों को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त किया गया।
अभियान के दौरान रेलवे सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। अवैध रूप से निर्मित अस्थायी आवासों और मिट्टी भरकर बनाई गई झोपड़ियों को तोड़ दिया गया। रेलवे प्राधिकरण ने बताया कि भविष्य में इन जमीनों का उपयोग रेलवे के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
विशेष रूप से मालीगांव मुख्यालय के बिल्कुल पास रेलवे और अन्य प्रशासनिक कार्यालय होने के बावजूद यह भूमि इतने लंबे समय तक कैसे अतिक्रमित रही, यह आम लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है। कई लोगों का मानना है कि इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही स्पष्ट है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही पास में मौजूद अन्य झोपड़ियों को क्यों नहीं हटाया गया, इस पर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी हो जाने के बावजूद, भविष्य में रेलवे भूमि पर दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए कड़ी निगरानी और स्थायी व्यवस्था करने की मांग जागरूक नागरिकों की ओर से की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर



