मरणोपरांत कारोबारी बृजमोहन अग्रवाल का हुआ नेत्रदान,केएमसीएच की टीम ने कलेक्ट किया कॉर्निया

अररिया 02 जनवरी(हि.स.)।फारबिसगंज के कारोबारी बृजमोहन अग्रवाल का नववर्ष के पहले दिन निधन हो गया।निधन के बाद पूरा परिवार शोक में डूब गया और ढांढस बंधवाने को लोगों का घरों पर तांता लगा रहा।इन सबके बीच तेरापंथ युवक परिषद एवं दधीचि देहदान समिति के सहयोग से कारोबारी बृजमोहन अग्रवाल का नेत्रदान हुआ।मरणोपरांत उनके पुत्र डॉ अरुण अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, डॉ अनुराग अग्रवाल एवं अमिताभ अग्रवाल और पुत्री आशा गुटगुटिया और पारिवारिक जनों की सहमति से कटिहार मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र विभाग की आई टीम ने नेत्रदान के तहत कॉर्निया कलेक्ट किया।

तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष आशीष गोलछा ने स्वर्गीय बृजमोहन अग्रवाल के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए परिवारजन के प्रति संवेदना के भाव व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पारिवारिक जनों ने नेत्रदान जैसे नेक कार्य में सहयोग प्रदान कर मानवीय सेवा का सर्वोत्कृष्ट कार्य किया है।

वहीं दधीचि देहदान समिति के जिलाध्यक्ष अजातशत्रु अग्रवाल ने बताया कि फारबिसगंज में नेत्रदान के क्षेत्र में तेरापंथ युवक परिषद एवं दधीचि देहदान समिति के संयुक्त प्रयास से अब तक 25 से भी ज्यादा लोगों का मृत्युपरांत नेत्रदान करवाया जा चुका है।उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो अंधकारमय जीवन रोशन होते हैं।

तेरापंथ युवक परिषद के पंकज नाहटा ने इस अभियान में संस्था की जागरूकता व नेत्रदाता के परिवारजन की उत्कृष्ट भावना के प्रति साधुवाद प्रकट किया और लोगों को इस अभियान में सहयोग का आह्वान किया।

मौके पर मौजूद डॉ बिजॉय वर्गिस ने नेत्रदान से जुड़ी कई भ्रांतियां का समाधान करते हुए बताया कि नेत्रदान में व्यक्ति की आंखें नहीं बल्कि उसके अन्दर की हल्की सी परत निकाली जाती है, जो किसी भी प्रकार से शारिरिक ढांचे को प्रभावित नही करती है। मरणोपरांत परिवारजनों की सहमति से नेत्रदान किसी भी उम्र के व्यक्ति का हो सकता है। मृत्युपरांत छह घंटे के भीतर आई बैंक की मदद से यह कार्य संपादित करवाना होता है। भविष्य में किसी का नेत्रदान हेतु दोनों संस्था में किसी से भी संपर्क किया जा सकता है।

मौके पर दिलीप गोलछा, पूनम पांडिया, राजेश पांडिया, मनोज अग्रवाल, पप्पू लड्डा, बछराज राखेचा, दिलीप ख़ेमानी आदि मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर