बलरामपुर : उचित कीमत और समय पर भुगतान से मजबूत हो रहा किसान का भरोसा

बलरामपुर, 02 जनवरी (हि.स.)। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत मिल रही मजबूत आर्थिक सुरक्षा ने किसानों की मेहनत को नई पहचान दी है। खेतों में दिन रात पसीना बहाने वाले अन्नदाताओं को जब उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिलता है, तो खेती केवल आजीविका नहीं बल्कि आत्मसम्मान का साधन बन जाती है।

राज्य शासन की नीति के अनुसार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीद की जा रही है। इस व्यवस्था से किसानों को न केवल उनकी फसल का उचित मूल्य मिल रहा है, बल्कि मौसम की मार और बढ़ती लागत के बीच आर्थिक संबल भी प्राप्त हो रहा है।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों पर खरीद कार्य तेज गति, अनुशासित व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ संचालित किया जा रहा है। ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन प्रणाली के चलते किसानों को अनावश्यक इंतजार से राहत मिली है। समयबद्ध भुगतान और डिजिटल माध्यमों के उपयोग से पूरी प्रक्रिया में भरोसा और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुई हैं।

रामचन्द्रपुर धान उपार्जन केंद्र पर पहुंचे किसान श्रवण सिंह ने 86.40 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर होने वाले खर्च के बाद जब फसल का उचित मूल्य समय पर मिलता है, तो खेती के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ता है। उनके अनुसार केंद्र में नमी जांच, तौल और टोकन की व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित और निष्पक्ष है।

किसान ने तुंहर टोकन मोबाइल ऐप को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इस डिजिटल सुविधा ने भीड़ और लंबी कतारों की समस्या को खत्म कर दिया है। घर बैठे टोकन लेने के बाद तय समय पर केंद्र पहुंचने से धान बेचने की प्रक्रिया सरल और तनावमुक्त हो गई है। इससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।

जिला प्रशासन द्वारा सभी उपार्जन केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। बेहतर प्रबंधन, तकनीक के सही उपयोग और प्रशासनिक सक्रियता के चलते जिले में धान खरीदी कार्य सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी रूप में आगे बढ़ रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय