सिलीगुड़ी नगर निगम में फर्जी म्यूटेशन रसीद को लेकर हड़कंप, पुलिस जांच जारी

सिलीगुड़ी, 11 जनवरी (हि. स.)। सिलीगुड़ी नगर निगम में फर्जी म्यूटेशन रसीद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस महीने की शुरुआत में आश्रमपाड़ा निवासी राजकुमार अग्रवाल नामक एक व्यक्ति नगर निगम कार्यालय पहुंचे और दो रसीदों की प्रतियों के साथ एक आवेदन जमा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने म्यूटेशन शुल्क दो बार जमा किया है, इसलिए एक भुगतान की राशि वापस की जाए।

हालांकि, जब नगर निगम अधिकारियों ने दोनों रसीदों की जांच की तो मामला चौंकाने वाला निकला।

निगम का दावा है कि दोनों में से एक रसीद पूरी तरह फर्जी है। यहां तक कि उस रसीद पर मौजूद हस्ताक्षर और मोहर भी नकली बताए जा रहे हैं। इस मामले में नगर निगम की ओर से सिलीगुड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

डीसीपी (ईस्ट) राकेश सिंह ने बताया कि मामला सामने आया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

वहीं, इस पूरे प्रकरण पर राजकुमार अग्रवाल ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।

सवाल यह भी उठ रहा है कि पहली बार भुगतान कर रसीद मिलने के बावजूद उन्होंने दोबारा भुगतान क्यों किया और करीब तीन साल बाद रिफंड के लिए नगर निगम का रुख क्यों किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फर्जी रसीद के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए राजकुमार अग्रवाल से पूछताछ की जाएगी।

नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य रामभजन महतो ने कहा कि उस व्यक्ति को फर्जी रसीद कैसे मिली, इसकी हमें जानकारी नहीं है। हमारे रिकॉर्ड में केवल एक ही भुगतान दर्ज है। दूसरी रसीद वह कहां से और कैसे लाया, इसका खुलासा पुलिस जांच से ही होगा। उस समय म्यूटेशन की प्रक्रिया ऑफलाइन होती थी।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार