अररिया 02 जनवरी(हि.स.)।
फारबिसगंज के अस्पताल रोड स्थित साईं हॉस्पिटल में शुक्रवार को भर्ती हुई महिला की कुछ घंटे में ही मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया।
महिला को पेट में दर्द था और वह टेढ़ी मुसहरी वार्ड संख्या तीन की रहने वाली रंजनी देवी थी। परिजन उसे करीबन ग्यारह बजे अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल में उस समय कोई चिकित्सक नहीं था,बावजूद इसके वहां कार्यरत कंपाउंडर ने महिला को अस्पताल में भर्ती कर लिया और बिना चिकित्सक के ही इलाज करने लगे। जबकि वहां लगे साईं अस्पताल के बोर्ड में चिकित्सक के रूप में डॉ डी. एन.प्रसाद का नाम अंकित है।
अस्पताल में महिला को स्लाइन चढ़ाया गया और उन्हें कुछ इंजेक्शन दिए गए।जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई और महिला की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया और अस्पताल में तोड़फोड़ भी की।सूचना के बाद डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
मृतका के परिजनों ने बताया कि महिला को पेट में दर्द था और करीबन ग्यारह बजे उन्हें मोटरसाइकिल पर लेकर अस्पताल में चिकित्सक से दिखाने के लिए लाया था।लेकिन चिकित्सक अस्पताल में नहीं था।बावजूद इसके चिकित्सक को बुला लेने की बात करते हुए कंपाउंडर ने महिला मरीज को अपने अस्पताल में रोक लिया और एक कमरे में ले जाकर उनका इलाज करने लगे।परिजनों ने बताया कि महिला को स्लाइन चढ़ाने के साथ ही इंजेक्शन लगाया गया था।इंजेक्शन लगने के बाद महिला की हालत बिगड़ती गई।जिसको देखकर अस्पताल के कंपाउंडर ने रेफर करने की बात कहकर मरीज को पूर्णिया ले जाने का दवाब बनाने लगे।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबन्धन ने हो एम्बुलेंस बुलाया था।लेकिन भर्ती की गई महिला की मौत पहले ही हो चुकी थी।जिसको लेकर उनलोगों ने कही भी जाने से साफ इनकार कर दिया।शाम में सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी लेने में जुट गई।इधर घटना के बाद से अस्पताल के कर्मचारी भाग खड़े हुए।हालांकि मामले को रफा दफा करने के लिए भी कई बिचौलियों के लग जाने की बात कही जा रही है।फिलहाल अस्पताल में परिजन डटे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर



