मुंबई,1 जनवरी ( हि.स.) । एक गंभीर मुद्दा सामने आया है कि ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ट्रांसपोर्ट सर्विस ( टीएमटी) में काम करने वाली महिला कंडक्टर व ड्राइवर के लिए बसों के आखिरी स्टॉप पर अभी भी वॉशरूम और टॉयलेट का सही इंतज़ाम नहीं है, और ‘माँ फाउंडेशन’ की गाइड प्रेमा ठाकुर ने इस बारे में ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट को एक लिखित बयान दिया है।
बसों के आखिरी स्टॉप पर ड्राइवर और ड्राइवर आराम करते हैं। हालांकि, बयान में कहा गया है कि कई जगहों पर टॉयलेट और वॉशरूम की सुविधा न होने से महिला ड्राइवरों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति खासकर उन महिला ड्राइवरों के लिए परेशानी वाली है जो सुबह से देर रात तक लगातार काम करती हैं।
एक तरफ, केंद्र और राज्य सरकारें ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और लड़की भेंड़ जैसी महिला सशक्तिकरण योजनाएं लागू कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ, बयान में यह भी साफ किया गया है कि असल काम की जगह पर बुनियादी सुविधाओं की कमी एक गंभीर मुद्दा है।
महिला ड्राइवरों को टॉयलेट की सुविधा के लिए कहीं और जाना पड़ता है। इससे समय, सुरक्षा और सेहत के मुद्दे भी उठते हैं, ऐसा कहा गया। बयान में उठाया गया है मुद्दा यह है कि यह समस्या न सिर्फ़ असुविधाजनक है, बल्कि महिला कर्मचारियों की इज़्ज़त और अधिकारों से भी जुड़ी है।
इस बारे में, यह मांग की गई है कि ठाणे ट्रांसपोर्ट मैनेजर तुरंत ध्यान दें और सभी बस टर्मिनस पर महिलाओं के लिए अलग वॉशरूम और टॉयलेट उपलब्ध कराएं।
इस बीच, इस बयान की एक कॉपी राज्य के ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सरनाईक को भी भेजी गई है, और पता चला है कि यह बयान ठाणे ट्रांसपोर्ट ऑफिस में ऑफिशियली रजिस्टर भी हो गया है। अब महिला कर्मचारियों और नागरिकों का ध्यान इस बात पर है कि प्रशासन इस मांग पर असल में क्या कदम उठाता है।
इस बारे में संपर्क करने पर, टीएमटी अधिकारियों ने साफ किया कि महिलाओं के लिए एक अलग वॉशरूम बनाने का फैसला किया गया है, और प्रशासन इसके लिए ( TMT)टीएमटी बजट के साथ-साथ सीएसआर फंड से भी ज़रूरी फंड देने का इरादा रखता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा



