मंत्री के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करना गंभीर विषय, जालंधर के पुलिस कमिश्नर पर विशेषाधिकार हनन का सीधा मामला बनता है : विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अभय वर्मा द्वारा उठाया गया यह मामला इस सदन की विशेषाधिकार हनन (ब्रीच ऑफ प्रिविलेज) से संबंधित है। जिस वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, वह सदन के भीतर की रिकॉर्डिंग है और सदन की संपत्ति है। इस वीडियो पर इस प्रकार कार्रवाई करना तथा मंत्री के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करना गंभीर विषय है। इस संबंध में जालंधर के पुलिस कमिश्नर के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का सीधा मामला बनता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन के भीतर की रिकॉर्डिंग केवल सदन की होती है, किसी अन्य की नहीं। ऐसे में यह प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण है कि किस आधार पर यह मामला दर्ज किया गया। सदन इस पर संज्ञान लेगा और पुलिस कमिश्नर जालंधर के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही पर विचार करेगा, क्योंकि उन्होंने सदन की संपत्ति के साथ अनुचित हस्तक्षेप किया है। यह वीडियो क्लिप सदन की संपत्ति है और इसकी रिकॉर्डिंग सदन में हुई है। विपक्ष की मांग पर यह मामला फॉरेंसिक साइंस लैब को भेजा गया है ताकि उनकी संतुष्टि हो सके। रिकॉर्डिंग सदन की होने के कारण इसे ‘टेम्पर्ड’ कहना स्वयं सदन की मर्यादा के विरुद्ध है। इसमें इस कॉन्स्पिरेसी में जो भी लोग इन्वॉल्व हैं, उनके खिलाफ यह सदन सख्त कार्रवाई करेगा। सदन इस पूरे मामले का विधिवत संज्ञान ले रहा है।

कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि केजरीवाल जी, आपकी एफआईआर और पुलिस का डर हमें डरा नहीं सकता। दिल्ली विधानसभा के रिकॉर्ड में वीडियो है और सारी दुनिया ने वीडियो सुना है, उस दिन से आतिशी ने विधानसभा में आने की हिम्मत नहीं की जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें कई बार बुलाया।

कपिल मिश्रा ने कहा कि आतिशी ने गुनाह किया लेकिन उन्हें बचाने के लिए आप उससे भी बड़ा पाप कर रहें हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव