सैनिकों को धन्यवाद हेतू आर्थिक मदद करे_सुमेधाताई की ठाणे में अपील
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- Jan 11, 2026
मुंबई,11जनवरी ( हि.स.) । देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक मुश्किल हालात में भी देश सबसे पहले की सोच के साथ जीते हैं। इन सैनिकों का शुक्रिया अदा करने के लिए सभी को आर्थिक मदद करनी चाहिए। यह अपील 'SIRF' (सोल्जर्स इंडिपेंडेंट रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन) संस्था की सुमेधाताई चिठाड़े ने की, जो पिछले 26 सालों से सियाचिन और कुपवाड़ा में भारतीय सेना के लिए ऑक्सीजन यूनिट बना रही है। उनकी अपील के बाद, ठाणे विधायक संजय केलकर ने पहली पवित्र सौगात दी, और सुनने वालों ने भी इस समिधा मदद में दिल खोलकर मदद की।सुमेधा चिठाड़े ने शनिवार को ठाणे के नौपाड़ा में सरस्वती स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स मैदान में आयोजित 40वीं रामभाऊ म्हालगी मेमोरियल लेक्चर सीरीज़ में राष्ट्रयस्वहा: इदं न मम, भारतीय सेना और देश के लिए उनका योगदान विषय पर तीसरी पुष्पांजलि दी। इस मौके पर वोिधायक जय केलकर, लेक्चर सीरीज़ के इस सेशन के चेयरमैन कैप्टन चंद्रशेखर वारलकर और माधुरी तम्हाने मंच पर मौजूद थे। इस बीच, पूर्व डिप्टी मेयर सुभाष काले, लेक्चर सीरीज़ कमिटी के सेक्रेटरी शरद पुरोहित और कई दूसरे लोग ऑडियंस में मौजूद थे। जैसे ही उन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए बिना किसी स्वार्थ के सेवा करने वाले भारतीय सैनिकों की सेवा के सम्मान में सोल्जर्स इंडिपेंडेंट रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन के ज़रिए सियाचिन में ऑक्सीजन प्लांट बनाने की जानकारी दी, तो उन्होंने मौजूद लोगों में देशभक्ति की भावना जगा दी। इस मौके पर उन्होंने SIRF फाउंडेशन के ज़रिए सैनिकों के लिए की गई अलग-अलग वेलफेयर स्कीम की जानकारी देते हुए ऑडियो और वीडियो क्लिप पेश किए। यह कहते हुए कि हमें सैनिकों का शुक्रगुजार होना चाहिए, उन्होंने एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के ज़रिए समझाया कि एसआईआरएफ के ज़रिए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट और रिफिलिंग सेंटर का काम कैसे होता है। युद्ध की रणनीति और देशभक्ति के उदाहरण देते हुए उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, स्वातंत्र्यवीर सावरकर और महर्षि कर्वे का उदाहरण दिया।
सुमेधाताई ने सभी से अपील की कि वे देश के एक ज़िम्मेदार नागरिक के तौर पर सैनिकों की मदद के लिए जितना हो सके उतना योगदान दें। सुमेधाताई सीधे दर्शकों के पास गईं और पवित्र दान मांगा। आज तक इस पवित्र दान के ज़रिए करोड़ों प्रोजेक्ट बनाए और आर्म्ड फोर्सेज़ को समर्पित किए गए हैं। इसलिए देश सेवा के काम के लिए सभी को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के खुशी के मौकों से इस पवित्र दान में अपनी मर्ज़ी से पैसे देने की कोशिश करनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा



