शिमला : जुन्गा के 200 साल पुराने राजमहल में आग, कोई हताहत नहीं

शिमला, 07 जनवरी (हि.स.)। राजधानी शिमला से सटे जुन्गा के पुराने राजमहल में बुधवार दोपहर अचानक आग लग गई। यह घटना पुलिस थाना ढली के क्षेत्राधिकार के तहत पुराना जुन्गा क्षेत्र में सामने आई। दोपहर करीब एक बजे किसी स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस चौकी जुन्गा को महल में आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी से कर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

पुलिस ने तुरंत अग्निशमन विभाग छोटा शिमला को आग की जानकारी दी। अग्निशमन विभाग की ओर से फायर फाइटर और वाहन मौके के लिए रवाना किए गए। कुछ ही देर में एक अग्निशमन वाहन घटनास्थल पर पहुंच गया और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोग मिलकर आग बुझाने में जुटे हैं। अधिकारियों के मुताबिक आग पर धीरे-धीरे नियंत्रण पाया जा रहा था।

जानकारी अनुसार आग महल की ऊपरी मंजिल में लगी थी। यह महल लंबे समय से जर्जर हालत में है और इसमें कोई भी व्यक्ति निवास नहीं करता था। इसी कारण राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, लकड़ी से बने पुराना ढांचा आग से काफी हद तक जल गया है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महल के ऊपरी हिस्से में आग लगी थी, जिससे वहां की लकड़ी की संरचनाएं खाक हुई हैं।

जुन्गा का पुराना राजमहल न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। समय के साथ इसकी हालत कमजोर होती चली गई, लेकिन संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।

बता दें कि जुन्गा का इतिहास बेहद पुराना और समृद्ध रहा है। यह क्षेत्र पहले क्योंथल रियासत की राजधानी हुआ करता था और उसी कारण इसे लंबे समय तक क्योंथल के नाम से भी जाना गया। जुन्गा नाम स्थानीय देवता “जुणगा” के नाम पर पड़ा। यहां स्थित पुराना राजमहल करीब 200 साल पुराना माना जाता है और यह क्योंथल रियासत का प्रमुख शाही निवास रहा है। यह महल केवल राजपरिवार का निवास नहीं था, बल्कि प्रशासनिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र था। पहाड़ी शैली की वास्तुकला, लकड़ी की नक्काशी और पारंपरिक निर्माण इसकी खास पहचान रही है। समय के साथ यह महल जर्जर होता चला गया और उपयोग में नहीं रहा। पुराने महल के पास ही जुन्गा में ‘नया महल’ या चौरनी पैलेस भी स्थित है, जो वर्तमान में शाही परिवार से जुड़ा माना जाता है।

शिमला से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित जुन्गा हरी-भरी पहाड़ियों के बीच बसा शांत इलाका है। यहां का पुराना राजमहल हिमाचल के राजसी इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रहा है। यह इलाका शिमला के कुसुम्पटी विधानसभा हल्के में शामिल है। वर्तमान में कांग्रेस के अनिरुद्ध सिंह यहां से विधायक हैं और सुक्खू सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा