नववर्ष के पहले कार्य दिवस पर डीयू कुलपति ने शुभकामनाओं के साथ गिनाई उपलब्धियां
- Admin Admin
- Jan 01, 2026
नई दिल्ली, 01 जनवरी (हि.स.)। नववर्ष के पहले कार्य दिवस के अवसर पर गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने नववर्ष की शुभकामनाएं देने के साथ-साथ बीते वर्ष में डीयू की उपलब्धियां भी गिनवाई। कुलपति ने कहा कि आज का दिन हमारे पास 365 खाली पृष्ठों वाली एक पुस्तक और हाथ में एक पेन के साथ आया है, इसे उपलब्धियों से भरना है।
प्रो. योगेश सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में डीयू ने अच्छी उपलब्धियां प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी रैंकिंग टैलेंट, फंडिंग, पार्टनरशिप और रिसोर्स को खींचती है, जिससे ब्रांड की अच्छी रेप्युटेशन और ग्लोबल विजिबिलिटी होती है। यह इंस्टीट्यूशनल क्वालिटी, रेप्युटेशन और परफॉर्मेंस का संकेत है जो भावी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयों की तुलना करने, एकेडमिक एक्सीलेंस, रिसर्च आउटपुट और संभावित करियर मौकों पर फैसले लेने में मदद के लिए एक भरोसेमंद सोर्स के तौर पर काम करते हैं।
प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में डीयू ने अपना मजबूत वैश्विक स्थान बनाए रखा है। एम्प्लॉयमेंट आउटकम में पिछले साल के मुकाबले डीयू 14 स्थान ऊपर चढ़कर दुनिया में 30वें स्थान पर पहुंच गया है। वैश्विक रैंकिंग में डीयू का रैंक 328 रहा है। ओवरआल स्कोर में डीयू 2025 के 33.8 से बढ़कर 2026 में 42.6 तक पहुंच गया है।
एनआईआरएफ रैंकिंग पर बात करते हुए कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय श्रेणी में, डीयू इस बार छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया, जबकि शोध संस्थान श्रेणी में यह 14वें से 12वें स्थान पर पहुंच गया, जहां केवल आईआईटी और समर्पित शोध संस्थान ही डीयू से ऊपर रैंक कर पाए। एनआईआरएफ रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कालेजों को कुलपति द्वारा इस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित भी किया गया।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के लिये वर्ष 2025 काफी अच्छा रहा है और 2026 भी काफी अच्छा रहने वाला है। नए वर्ष में डीयू को वीर सावरकर कालेज मिल जाएगा। कई अकादमिक भवन तैयार हो जाएंगे। प्रत्येक स्थान पर सीसीटीवी कैमरा चालू होंगे। हॉस्टल और हेल्थ सेंटर की इमारतें भी तैयार हो जाएंगी।
कुलपति ने बताया कि दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं जिनमें से अधिकतर 2026 में पूर्ण हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि आईओई की नई बिल्डिंग, आईओई हॉस्टल, कंप्यूटर सैंटर की नई बिल्डिंग और लाईब्रेरी के विस्तार का कार्य जारी है। फैक्लटी ऑफ टैक्नॉलोजी, नए गर्लज हॉस्टल का निर्माण, विश्वविद्यालय के पूर्वी और पश्चिमी कैम्पस का निर्माण चल रहा है। नवीनीकरण के भी अधिकतर कार्य पूर्ण हो चुके हैं और जो जारी हैं, उनके इस वर्ष में पूर्ण होने की उम्मीद है।
कुलपति ने बताया कि पिछले वर्ष में कुछ नए शैक्षणिक प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में भी नए शैक्षणिक प्रोग्राम शुरू होंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर उड़िया स्टडीज बनाने को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने आशा जताई कि केंद्र सरकार से इसके लिए नए वर्ष में ग्रांट और नियुक्तियों की मंजूरी मिल जाएगी।
इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजज प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो और रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता, कॉलेजों के प्रिंसिपल्स और फाइनेंस कमेटी के सदस्य व विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी



