गोपालगंज, 09 जनवरी (हि.स.)। किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि विभाग को निर्देश दिया है कि फार्मर आईडी के माध्यम से राज्य के प्रत्येक किसान को एकीकृत कर डिजिटल पहचान प्रदान की जाए। इस पहल का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है।
जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन ने कहा कि फार्मर आईडी एक यूनिक डिजिटल पहचान होगी, जिसमें किसान से संबंधित भूमि विवरण, फसल की जानकारी, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ी आवश्यक सूचनाएं दर्ज रहेंगी। इसके माध्यम से किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, बीज अनुदान, कृषि यंत्र अनुदान, सिंचाई योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और लाभ सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हो सकेगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक बार पंजीकरण होने के बाद संबंधित योजनाओं की पात्रता स्वतः जांची जा सकेगी। इससे समय की बचत होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।फार्मर आईडी बनवाने के लिए जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसानों का पंजीकरण, ई-केवाईसी और दस्तावेज सत्यापन किया जा रहा है।
किसानों से आधार कार्ड, जमीन के कागजात, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर साथ लाने की अपील की गई है। जिन किसानों के नाम से जमीन की जमाबंदी है, उनका पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते फार्मर आईडी बनवाएं, ताकि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।
अधिकारियों ने कहा कि फार्मर आईडी किसानों के लिए भविष्य में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी और कृषि क्षेत्र को डिजिटल और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार का यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Akhilanand Mishra



