मतदाता सूची से नाम काटने का षड्यंत्र लोकतंत्र पर हमला: पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत
- Admin Admin
- Jan 15, 2026
जयपुर, 15 जनवरी (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आज का दिन राजस्थान के लोकतंत्र के लिए एक काले अध्याय जैसा है, जिसने सत्तारूढ़ पार्टी की असलियत को बेनकाब कर दिया है। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रशासन का दुरुपयोग कर मतदाता सूचियों में हेराफेरी का सुनियोजित षड्यंत्र रचा है, जो अत्यंत शर्मनाक है।
गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के अंतिम दिन ईआरओ के माध्यम से बीएलओ पर दबाव डाला गया कि वे कांग्रेस विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाएं। कई स्थानों पर फॉर्म-7 में पहले से डेटा भरकर बीएलओ को सौंपा गया, जो निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां प्रशासनिक अधिकारियों और बीएलओ ने इस “लोकतंत्र की हत्या” में शामिल होने से इनकार किया, वहां सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोगों द्वारा तबादलों की धमकियां दी गईं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस दुस्साहस के जरिए जनता और लोकतंत्र—दोनों का अपमान किया है।
गहलोत ने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र सरदारपुरा में भी मतदाता सूची से नाम काटने का प्रयास किया गया। इस संबंध में उन्होंने राज्य निर्वाचन आयुक्त नवीन महाजन से फोन पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी दी और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी भाजपा के दबाव में आकर संविधान और नियमों की धज्जियां उड़ाएंगे, उनकी कानूनी जवाबदेही तय होगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश



