नगालैंड में 53.28 करोड़ का जीएसटी घोटाला, माइनिंग कंपनी का निदेशक गिरफ्तार

डिमापुर (नगालैंड), 12 जनवरी (हि.स.)। नगालैंड में 53.28 करोड़ के बड़े ‘गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स’ (जीएसटी) घोटाले का खुलासा करते हुए केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) विभाग ने दो माइनिंग कंपनियों के निदेशक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि डिमापुर स्थित सीजीएसटी की एंटी-इवेशन यूनिट ने आतिकुर रहमान बड़भुइयां को गिरफ्तार किया है, जो दो माइनिंग फर्मों के निदेशक हैं। जांच में सामने आया है कि बिना किसी वास्तविक माल आपूर्ति के फर्जी इनवॉयस जारी और प्राप्त कर अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपित बेंगदांगतोशी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड और केविथो माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है। सीजीएसटी अधिकारियों के अनुसार, दोनों कंपनियां कोयला और कोक की आपूर्ति से जुड़ी बताई गई हैं। जांच में पाया गया कि कंपनियों ने बिना माल की वास्तविक आवाजाही के इनवॉयस जारी कर आईटीसी का दावा किया।

सीजीएसटी की जांच में जीएसटी रिटर्न के विश्लेषण से यह सामने आया कि बेंगदांगतोशी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड ने लगभग 27.52 करोड़ रुपये और केविथो माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड ने करीब 25.76 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी लिया। इस तरह कुल कथित जीएसटी घोटाले की राशि 53.28 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जांच एजेंसियों ने बताया कि कंपनियां ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट जैसे अनिवार्य कागजात प्रस्तुत करने में विफल रहीं। भौतिक सत्यापन के दौरान यह भी पाया गया कि पंजीकृत पते पर कंपनियां या तो अस्तित्वहीन थीं या फिर बंद पड़ी थीं, जिससे लेन-देन की सत्यता पर गंभीर संदेह पैदा हुआ।

जांच के आधार पर 10 जनवरी को अतिकुर रहमान बड़भुइयां को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धाराओं 132(1)(बी) और 132(1)(सी) के तहत गिरफ्तार किया गया। ये धाराएं बिना माल आपूर्ति के इनवॉयस जारी करने और फर्जी आईटीसी लेने से संबंधित संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराधों से जुड़ी हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी घोटाले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और कंपनियों की पहचान के लिए आगे की जांच की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश