राज्यपाल से मिले आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक, जनोपयोगी शोध कार्यों की दी जानकारी
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- Jan 15, 2026
देहरादून, 15 जनवरी (हि.स.)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के प्रोफेसर एवं डीन (अकादमिक) डॉ. नवीन के. नवानी और संस्थान जुड़े विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. एचसी पोखरियाल ने गुरुवार को लोक भवन में शिष्टाचार भेंट की।
इस दाैरान नवानी ने आईआईटी रुड़की में संचालित उन प्रमुख शोध कार्यों की जानकारी दी, जो सीधे तौर पर आम जनजीवन से जुड़े हुए हैं।
प्रो. नवानी ने राज्यपाल काे बताया कि मोटे अनाजों से तैयार प्रोबायोटिक युक्त मिलेट ब्रेड स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह मधुमेह रोगियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो सकती है। उन्होंने बुरांश से तैयार स्वदेशी पेय ‘रोडोबूस्ट’ के बारे में भी जानकारी दी, जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा खाद्य-जनित रोगों से बचाव में सहायक है। इसके साथ ही उत्तराखंड की स्थानीय लाखोरी मिर्च पर किए गए शोध का उल्लेख करते हुए उन्हाेंने बताया कि इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्वों में रोगाणुरोधी एवं एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिससे इसकी औषधीय एवं पोषण संबंधी उपयोगिता सिद्ध होती है।
प्राे नवानी ने बताया कि इसके अतिरिक्त शहद की शुद्धता एवं मिलावट की पहचान से जुड़े शोध भी हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को शुद्ध शहद उपलब्ध कराने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने इन सभी शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक एवं जनोपयोगी अनुसंधान समाज, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विशेष रूप से शहद, मिलेट्स, बद्री तुलसी तथा उत्तराखंड की पारंपरिक फसलों, स्थानीय उत्पादों और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। इन शोधों का उद्देश्य बेहतर पोषण, सुरक्षित भोजन, किसानों की आय में वृद्धि, पशुपालन में सुधार तथा एंटीबायोटिक के अनावश्यक उपयोग को कम करना है।
इस पर राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा किए जा रहे ये प्रयास भविष्य में राज्य और देश के समग्र विकास, पोषण सुरक्षा व सतत आजीविका के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय



