राज्यपाल ने डीडवाना में बांगड महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में शिरकत की

राज्यपाल ने डीडवाना में बांगड महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में शिरकत की

जयपुर/डीडवाना-कुचामन, 13 जनवरी (हि.स.)। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे कहा कि सही शिक्षा वहीं है जो किताबी ज्ञान के साथ- साथ व्यक्ति का चारित्रिक और बौद्धिक विकास भी करे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जीवन को बदलने का माध्यम है एकाग्रता के साथ निरंतर अभ्यास और मेहनत से लक्ष्य प्राप्त करना विद्यार्थियों का ध्येय होना चाहिए।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे मंगलवार को डीडवाना में श्री बांगड महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में तकनीकी शिक्षा का अत्यधिक महत्व है, बालिकाओं को भी तकनीकी शिक्षा हासिल कर प्रतिभा का विकास करना चाहिये। उन्होंने कहा हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

राज्यपाल बागडे ने महाविद्यालय की बालिकाओं को ऑपरेशन सिंदूर में महिलाओं की भूमिका से प्रेरणा लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि श्री बांगड महिला महाविद्यालय बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा प्रदान कर रहा है।

इस दौरान राज्यपाल ने पदक विजेता छात्राओं को डिग्री प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने महाविद्यालय की छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी से लेकर आज तक महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है, और वर्तमान में भी हर क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं और घर- परिवार के साथ- साथ हमारे देश के मान- सम्मान को आगे बढ़ा रही हैं।

राज्यपाल बागडे ने पंडित बच्छराज व्यास को किया नमन

इससे पूर्व राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने पंडित बच्छराज आदर्श विद्या मन्दिर पहुंच कर पंडित बच्छराज व्यास की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के विद्यार्थियों को पंडित बच्छराज व्यास के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर देश व समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश