राज्यपाल ने लेखा परीक्षा के परिविक्षाधीन अधिकारियों से किया संवाद

शिमला, 16 जनवरी (हि.स.)। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शुक्रवार को लोक भवन में भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा 2025 बैच के परिविक्षाधीन अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान राज्यपाल ने लोक सेवा में जवाबदेही, पारदर्शिता और ईमानदारी के महत्व पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने में लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवाओं की भूमिका बेहद अहम है।

राज्यपाल ने युवा अधिकारियों को उनके भावी दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान उसका नैतिक आचरण और ईमानदार कार्यशैली होती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कामकाज में दक्षता के साथ-साथ पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दें, ताकि आम लोगों का शासन व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।

शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और सार्वजनिक संसाधनों के सही उपयोग को सुनिश्चित करने में लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवाओं की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही से ही विकास योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकता है। ऐसे में आईएंडएएस के अधिकारियों की भूमिका और भी बढ़ जाती है।

संवाद के दौरान परिविक्षाधीन अधिकारियों ने भी राज्यपाल के साथ अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा किए और सेवा से जुड़ी अपनी अपेक्षाओं पर बात की। अधिकारियों ने राज्यपाल के मार्गदर्शन को प्रेरणादायक बताया।

इससे पहले, आईएंडएएस के परिविक्षाधीन अधिकारियों ने लोक भवन का भ्रमण किया। उन्हें भवन के ऐतिहासिक महत्व, वास्तुकला और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोक भवन की विरासत और प्रशासनिक भूमिका को करीब से समझा।

इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम से पहले राष्ट्रीय लेखा परीक्षा एवं लेखा अकादमी के महानिदेशक एस. आलोक ने राज्यपाल को सम्मानित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा