गुरुग्राम: नीट-पीजी में माइनस 40 कट ऑफ करना सीट सेल मॉडल: डॉ. अमित व्यास

-नीट-पीजी 2025 की कट ऑफ माइनस 40 करने पर डीएमए इंडिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से की तुरंत हस्तक्षेप की मांग

गुरुग्राम, 15 जनवरी (हि.स.)। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (एनबीई) द्वारा नीट-पीजी 2025 की क्वालिफाइंग कट ऑफ को अभूतपूर्व रूप से माइनस-40 (-40) तक घटाए जाने पर डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए इंडिया) ने गहरी आपत्ति दर्ज की है।

डीएमए इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अमित व्यास, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. भानु कुमार एवं राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ सचिव डॉ. प्रियांशु शर्मा ने गुरुवार को इस विषय पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। डीएमए ने कहा कि नीट-पीजी लंबे समय से ज्ञान,मेहनत और रैंक का प्रतीक रहा है, लेकिन कटऑफ को माइनस-40 (-40) तक लाना यह संदेश देता है कि अब प्रतियोगिता नहीं, केवल उपस्थिति पर्याप्त है। संगठन ने कहा है कि नई व्यवस्था में प्रश्न हल करना अनिवार्य नहीं। रैंक सिर्फ दिखावा है। ज्ञान रेजीडेंसी में एडजस्ट हो जाएगा। यदि 2-3 करोड़ की क्षमता हो तो शून्य या माइनस अंकों पर भी पीजी सीट संभव प्रतीत होती है। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि मेरिट आधारित परीक्षा की आवश्यकता ही क्या रह जाती है।

डॉ. व्यास ने चेतावनी दी कि इससे निजी मेडिकल संस्थानों को अनुचित लाभ, योग्य छात्रों का मनोबल ह्रास तथा भविष्य की रोगी सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा।

डीएमए इंडिया की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि नीट -पीजी 2025 की संशोधित कटऑफ (माइनस 40) तुरंत वापस ली जाए। मंत्रालय, एनएमसी, एनबीई व मेडिकल संगठनों को शामिल कर स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए। किसी भी बड़े नीतिगत बदलाव से पहले पारदर्शी हितधारक परामर्श अनिवार्य किया जाए। डीएमए इंडिया ने स्पष्ट किया कि वह मेरिट, नैतिकता और जनहित आधारित चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था की पुनर्बहाली के लिए प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर