गुरुग्राम: सीवर कचरे की अवैध डंपिंग की तो टैंकर संचालकों पर होगी एफआइआर

-ड्रेनों की टैपिंग, एसटीपी-सीईटीपी और बंधवाड़ी लीगेसी कचरे के निस्तारण पर जोर

-यमुना एक्शन प्लान व बंधवाड़ी में कचरा प्रबंधन की समीक्षा बैठक

-हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन विनीत गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक

गुरुग्राम, 13 जनवरी (हि.स.)। प्रदूषण नियंत्रण और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा कचरा प्रबंधन को लेकर दिए निर्देशों की अनुपालना में मंगलवार को बंधवाड़ी लीगेसी कचरे के निस्तारण की प्रगति को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन विनीत गर्ग ने महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में गुरुग्राम की बादशाहपुर की लेग एक, दो और तीन तथा झज्जर जिले की ड्रेन संख्या-8 एवं मुंगेशपुर ड्रेन को प्रदूषण से मुक्त करने के उद्देश्य से तैयार किए गए एक्शन प्लान की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

मंगलवार को यहां पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में यमुना एक्शन प्लान के अंतर्गत इस बैठक में फरीदाबाद के डिवीजनल कमिश्नर संजय जून, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीईओ पी.सी. मीणा, डीसी अजय कुमार, नगर निगम मानेसर के आयुक्त प्रदीप सिंह, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार, एडीसी सोनू भट्ट सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन विनीत गर्ग ने कहा कि ड्रेनों के टैपिंग, एसटीपी और सीईटीपी की स्थापना, कचरा प्रबंधन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने से यमुना के जल की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार आएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि यमुना संरक्षण अभियान को ठोस और स्थायी परिणाम मिल सकें।

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के निगम क्षेत्र में कुछ टैंकर संचालक अवैध रूप से सीवर का कचरा खुले स्थानों और नालों में डाल रहे हैं। यह न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का खुला उल्लंघन भी है। इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए, मौके पर ही चालान काटे जाएं और गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए।

इन विषयों से संबंधित कार्यों की प्रगति के बारे हुए व्यापक विचार विमर्श

बैठक में यमुना की स्वच्छता, सीवर प्रबंधन, अवैध डंपिंग, एसटीपी के संचालन तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बहादुरगढ़ और रोहतक क्षेत्र से ड्रेन नंबर-8 में प्रवेश करने वाले 153.7 एमएलडी, लेग-1 ड्रेन में 55.4 एमएलडी तथा लेग-2 ड्रेन में 78 एमएलडी अपशिष्ट जल को टैप करने से संबंधित कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। ड्रेन नंबर-8 के अंतर्गत झज्जर जिला के याकूबपुर गांव स्थित आउटफॉल चैनल, उद्योग विहार क्षेत्र से निकलने वाले अपशिष्ट जल तथा बॉक्स ड्रेन के अंदर से आने वाले स्रोतों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। बैठक में लेग-1, लेग दो व लेग तीन ड्रेनो की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर