गुरुग्राम: आइडिया में दम हो तो उसे दुनिया बदलने में समय नहीं लगता: नायब सिंह सैनी

गुरुग्राम के मानेसर में बुधवार को आयोजित बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों एवं उद्यमियों के साथ संवाद करते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी।

-बोले, हरियाणा में स्टार्टअप्स को मिली नई उड़ान

-स्टार्टअप इंडिया की रेनबो विजन हरियाणा में तेजी से लागू

-हरियाणा को नवाचार का हब बनाने की दिशा में सरकार की नई पहल

गुरुग्राम, 21 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022 लागू है। हाल ही में 22 स्टार्टअप्स को एक करोड़ 14 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। अब स्टार्टअप संस्कृति केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि आइडिया कितना भी छोटा क्यों न हो, यदि उसमें दम है तो उसे दुनिया बदलने में समय नहीं लगता। आगामी शैक्षणिक सत्र से हर जिले में उद्यमिता प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें चयनित टीमों को अपने आइडिया को बिजनेस मॉडल में बदलने के लिए सरकार द्वारा एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मानेसर में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों एवं उद्यमियों के साथ संवाद किया।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गत 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस मनाया गया था। आज का बजट-पूर्व परामर्श उसी उत्सव की कड़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि स्टार्टअप इंडिया केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक रेनबो विजन है, जो अलग-अलग सेक्टर्स को नई संभावनाओं से जोड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानेसर के औद्योगिक हब होने को देखते हुए एचएसआईआईडीसी के सभी औद्योगिक एस्टेट्स में इन्क्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्टार्टअप्स को सस्ती दरों पर कार्यस्थल उपलब्ध कराया जा सके। एचएसआईआईडीसी द्वारा इसके लिए तीन आईएमटी क्षेत्रों में भूमि भी चिन्हित कर ली गई है।

दस वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढक़र दो लाख

मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप संस्थापकों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, फंडिंग और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर प्राप्त विचारों को नोट किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढक़र दो लाख से अधिक हो गई है। इसमें हरियाणा का योगदान अग्रणी रहा है, विशेषकर गुरुग्राम और मानेसर का। हरियाणा में अब 9,500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं और राज्य इस मामले में देश में सातवें स्थान पर है। साथ ही, हरियाणा से 19 यूनिकॉन्र्स भी सामने आए हैं। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम तथा गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बजट 2025-26 में उठाए गए प्रमुख कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का है। इसी दृष्टि से हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा ए.आई. मिशन की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है, जिसके लिए विश्व बैंक से 474 करोड़ रुपये की सहायता का आश्वासन मिला है। इसके तहत गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50 हजार युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर