गुवाहाटी में गुरुवार से आरंभ होगा राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन
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- Jan 07, 2026
- सम्मेलन 2030 तक भारत को वैश्विक वस्त्र हब बनाने के उद्देश्य से नीति, निवेश और नवोन्मे्षण पर विचार-विमर्श करेगा
गुवाहाटी, 07 जनवरी (हि.स.)। वस्त्र मंत्रालय द्वारा असम सरकार के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन गुरुवार से गुवाहाटी में आरंभ होगा। दो दिवसीय सम्मेलन की थीम “भारत का वस्त्र उद्योग: विकास, विरासत और नवाचार का संगम” है। इसमें देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र में नीति, निवेश, स्थिरता, निर्यात, अवसंरचना विकास और प्रौद्योगिकीय उन्नति पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करना है। यह सम्मेलन भारत को 2030 तक वैश्विक वस्त्र विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करने के सरकार के विजन के साथ संयोजित है। इसमें निर्यात को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर विशेष बल दिया गया है, जो विकास भी, विरासत भी के आदर्शों के अनुरूप है।
आगामी 8 जनवरी को होने वाले उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्व सरमा, केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में भारत की वस्त्र उद्योग की शक्ति, नवोन्मेषण और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी और पवेलियन का भी उद्घाटन किया जाएगा।
सम्मेलन में अवसंरचना और निवेश, भारत के वस्त्र निर्यात का विस्तार, कच्चा माल और रेशे, टेक्निकल टेक्सटाइल और न्यू-एज फाइबर तथा हथकरघा और हस्तशिल्प का संरक्षण और संवर्धन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करने वाले सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन्स एंड अपैरल (पीएम मित्रा) पार्क, स्थिरता और पर्यावरण अनुपालन, टेक्निकल टेक्सटाइल, नवाचार और एकीकृत मूल्य-श्रृंखला विकास जैसी प्रमुख पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और अधिकारियों के भाग लेने और विभिन्न क्षेत्रों और जिलों में कपड़ा मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा करने की उम्मीद है।
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के वस्त्र क्षेत्र को सुदृढ़ और सशक्त बनाने पर भी एक सम्मेलन 8 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों के वस्त्र मंत्री, संसद सदस्य और केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर के रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प और बांस आधारित वस्त्रों की क्षमता को उजागर करना है, जिसमें एरी, मूगा और शहतूत रेशम, महिला केन्द्रित उद्यम, ब्रांडिंग और बाजार पहुंच पर विशेष जोर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन से केंद्र-राज्य सहयोग में सुदृढ़ता आने और प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और समावेशी वस्त्र सेक्टर के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय



