प्रदेश कांग्रेस संगठन में सभी वर्गों को मिलेगा उचित प्रतिनिधित्व : विनय कुमार
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- Jan 18, 2026
शिमला, 18 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में पार्टी संगठन के हर स्तर पर सभी जाति और वर्गों के लोगों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीसीसी, जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी के गठन में सामाजिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि संगठन और अधिक मजबूत हो सके।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में रविवार को कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए विनय कुमार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति से किसी नेता को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी देना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसे अनुसूचित जाति समाज के लिए एक बड़ा सम्मान और सौभाग्य बताया।
विनय कुमार ने कहा कि आज देश में जिस तरह से लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया जा रहा है, उसके खिलाफ सभी को एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और सुझावों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष रखा जाएगा।
इससे पहले बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पाल गौतम ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान के माध्यम से बाबा साहेब ने अनुसूचित जाति और वंचित वर्गों को अधिकार और सम्मान दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार संविधान की भावना को कमजोर कर रही है और गरीबों तथा दलितों के अधिकारों में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की उन संस्थाओं को बेचा जा रहा है, जिनसे देश के युवाओं को रोजगार मिलता था, जबकि शिक्षा को इतना महंगा कर दिया गया है कि गरीब और मध्यम वर्ग उससे वंचित हो रहा है।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश में अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारियों का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशों पर पूरे देश में संगठन सृजन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा जैसी जनहित योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र द्वारा राज्यों को पूरा बजट नहीं दिया जा रहा, जिससे योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों के साथ विशेष रूप से अन्याय किया जा रहा है।
डॉ. गौतम ने केंद्र सरकार की नई योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मनरेगा की जगह लाई गई योजना व्यावहारिक नहीं है। पहले पंचायतों के माध्यम से विकास कार्य होते थे और इसकी कानूनी वैधता थी, लेकिन अब केंद्र ने अधिकार अपने हाथ में ले लिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र 60 प्रतिशत और राज्यों को 40 प्रतिशत हिस्सा देना होगा, लेकिन राज्यों की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण वे यह वहन नहीं कर पाएंगे, जिससे कई राज्य विकास कार्यों से वंचित रह जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा



