हमें अपने लिए नहीं, अपनों के लिए जीना होगा: प्रांत प्रचारक

गोरखपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जीवन परम्परा सभी जीव, जंतु, वनस्पतियों में परमात्मा के अंश को देखती है। यह अपने लिए नहीं अपनों के लिए जीना सिखाती है। जीव में शिव देखने का चिंतन ही हिंदुत्व है। हमें उसी परम्परा में अपनों के लिए जीना पड़ेगा।

उक्त बाते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवीय नगर मालवीय बस्ती द्वारा रविवार को रामायण राय पार्क में आयोजित हिंदू सम्मेलन को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित करते हुए कही।

प्रांत प्रचारक ने कहा कि हिंदू समाज जाग रहा है। पहले हिंदू अपने को हिंदू कहने पर शर्म महसूस करता था पर समय परिस्थिति बदली है। इस समय पूरे भारत में 80,000 से अधिक हिंदू सम्मेलन हो रहा है। यह जागरण आरएसएस के 100 वर्ष के प्रयासों का प्रतिफल है । हिंदू समाज के जागरण का ही परिणाम है कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर खड़ा है। युवक और युवतियाँ पहले पश्चिम के प्रभाव में भटकाव को प्राप्त कर रहे थे पर आज अपने पर्व और त्योहार से जुड़ते दिख रहे हैं। मंदिरों में नववर्ष मनाने को भीड़ हो रही है। मंदिर एवं तीर्थ स्थानों पर भारी संख्या में जाकर के लोग दर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने हिंदुत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदुत्व को किसी शब्द सीमा या चाहरदीवारी में नहीं बांध सकते। इसकी उत्पत्ति ईश्वरीय प्रेरणा से हुई है। 1995 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी माना है कि हिंदुत्व मात्र धर्म नहीं अपितु यह जीवन जीने का तरीका है। हिंदुत्व के अंदर सबको साथ लेकर चलने का सामर्थ्य है। यह व्यापक है सर्वव्यापी है। हिन्दू ही सर्वे भवंतु सुखिन:, वसुधैव कुटुंबकम् की बात करता है और जीव तथा कण-कण में शिव का दर्शन करता है। हिंदू जीवन शैली कहता सभी के सुख की कामना, विश्व कल्याण भावना। उन्होंने टूटते परिवार पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि हमें अपने टूटते परिवारों को बचाना होगा। हमें अपने लिए नहीं अपनों के लिए जीना होगा। हमारे पूर्वजों ने बहुत से आक्रमण और आपदाओं को झेला। उसे परिवार की मजबूती के साथ सामना किया और अपने मूल्यों परम्पराओं को बचाए रखा लेकिन आज हम संकट में हैं। इसे सुरक्षित करना होगा क्योंकि परिवार टूटेगा तो समाज कमजोर होगा समाज कमजोर होगा तो राष्ट्र कमजोर होगा। जो परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाता है वही नर से नारायण बनाता है। आज भारत बचा है तो इसमें हमारे पूर्वजों के त्याग, बलिदान का योगदान है।

--पंच परिवर्तन से होगा राष्ट्र परिवर्तन

उन्होंने पंच परिवर्तन पर चर्चा करते हुए कहा कि आज हम पंच परिवर्तन के द्वारा समाज में बदलाव लाना चाहते हैं। यह पंच परिवर्तन स्व का जागरण, नागरिक कर्तव्यबोध, समाजिक समरसता, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन है। हमारे पूर्वज उसे जीते थे हमारे गुरुकुल में सभी बालक एक साथ पढ़ते थे। हमारे पूर्वज अपने जीवन जीने के तरीकों से पर्यावरण की रक्षा करते थे। माता सीता जंगल में रहते हुए लव कुश को हरे पेड़ न काटने की शिक्षा देती थी। अपने पंच परिवर्तन पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि हमें इन सभी बातों को अपने आचरण में लाना पड़ेगा। समरसता से ही देश में समृद्धि आएगी। समरस जीवन भारत समृद्धि का आधार है। कुटुंब प्रबोधन से ही भारत का प्रबोधन होगा। कुटुंब सुदृढ़ तो समाज सुदृढ़ होगा। कुटुंब में संतुलन, सामंजस्य और समन्वय परस्पर आत्मीय संवाद यही समृद्ध परिवार का आधार है।आदर्श हिन्दू घर से ही आदर्श समाज की रचना होगी।

पर्यावरण के संरक्षण से ही समाज और राष्ट्र का संरक्षण होगा। प्रकृति का संतुलन पर्यावरण संरक्षण से होगा। जिसमें जल है तो कल है, जल ही जीवन है, वृक्ष है तभी प्राकृतिक वातावरण ठीक रहेगा। जब प्लास्टिक से कार्य और कार्यक्रम को मुक्त करेंगे, तभी भूमि उर्वरा शक्ति बढ़ेगी, तब शुद्ध अन्न होगा। जिससे भारत संपन्न होगा। स्व के जागरण से ही समाज का जागरण होगा। भारत तभी खड़ा होगा जब स्व का जागरण होगा। स्व के जागरण से ही भारत में बदलाव आएगा। अपना हस्ताक्षर हिंदी में करे,अपनी स्थानीय भाषा का अधिक प्रयोग करे, संवाद स्थानीय भाषा में हो। भूषा यानी वेश भारतीय हो, भोजन भारतीय हो, भवन आदर्श हिन्दू घर हो, भजन होगा तभी परिवार संस्कारित और समृद्ध होगा। भ्रमण ऐसे स्थान करे जहां हमें प्रेरणा, संस्कार, दृष्टि और दिशा मिले।

नागरिक कार्यत्व्य के पालन से ही भारत का उत्थान होगा। पंच परिवर्तन से ही होगा राष्ट्र का परिवर्तन। इन्हीं पंच परिवर्तन से समाज बदलेगा और जब समाज बदलेगा तो राष्ट्र बदलेगा। संघ अपने शताब्दी वर्ष में इन्हीं पंच परिवर्तन को लेकर समाज का जागरण कर रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आशुतोष दीक्षित ने किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी गुड़िया बहन मातृशक्ति पुष्पा देवी, आयोजन समिति के अभिनंदन, अरविंद, माधुरी राय, शीला देवी सुनील सिंह, विनोद राय, भाग प्रचारक मनीष, संजीव आदि बहुत से लोग उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन समृद्धि पांडे ने किया ।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय