हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में शीतलहर, 16–17 जनवरी को बर्फबारी की उम्मीद

शिमला, 11 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर और तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के निचले इलाकों के पांच जिले बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा और ऊना शीतलहर की चपेट में हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस और शून्य के आसपास दर्ज किया गया है। सबसे ठंडा स्थल लाहौल-स्पीति जिला का कुकुमसेरी रहा, जहां न्यूनतम तापमान -10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद ताबो में -6.7 डिग्री, कल्पा में -2.0 डिग्री, मनाली में -1.1 डिग्री और भुंतर में -0.1 डिग्री रहा, वहीं पालमपुर और सोलन में पारा शून्य डिग्री के आसपास दर्ज हुआ।

शून्य के करीब तापमान वाले स्थानों में बाजौरा 0.1 डिग्री, रिकांगपिओ 0.1 डिग्री, नारकंडा 1.6 डिग्री, सुंदरनगर 1.0 डिग्री, मंडी 2.1 डिग्री, कांगड़ा 2.0 डिग्री, ऊना 2.5 डिग्री, बिलासपुर 2.5 डिग्री और हमीरपुर 1.1 डिग्री शामिल हैं, जबकि शिमला में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री, कुफरी में 4.6 डिग्री, नाहन में 5.1 डिग्री, पांवटा साहिब में 6.0 डिग्री, सराहन में 4.4 डिग्री, देहरा गोपीपुर में 4.0 डिग्री और जुब्बड़हट्टी में 3.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

ठंड के कहर से ऊंचाई वाले इलाकों लाहौल-स्पीति और किन्नौर में जलस्रोतों का पानी जम गया है, जिससे स्थानीय जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं निचले क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के साथ सुबह और देर रात को घना कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है।बिलासपुर में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा जहां दृश्यता करीब 100 मीटर तक सिमट गई, जबकि ऊना और पांवटा साहिब में 500 मीटर तथा सुंदरनगर में करीब 800 मीटर दृश्यता दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने 15 जनवरी तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों में भी शीतलहर की चेतावनी दी गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि 11 से 15 जनवरी तक प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने के बाद 16 और 17 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इस दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, चंबा और शिमला जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिर सकती है।

पिछले तीन महीनों से प्रदेश में पर्याप्त वर्षा और बर्फबारी न होने के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं, जिसका असर खेती-बागवानी पर साफ दिख रहा है। खासतौर पर गेहूं की फसल नमी की कमी से प्रभावित बताई जा रही है, जबकि सेब सहित अन्य फलों के बागानों को भी नुकसान की आशंका है।

शिमला और मनाली जैसे हिल स्टेशनों में अब तक मौसम की पहली बर्फबारी न होने से पर्यटन कारोबार भी उम्मीद के मुताबिक नहीं चल पाया है और सैलानी मायूस नजर आ रहे हैं। ऐसे में 16–17 जनवरी को संभावित बर्फबारी से जहां पहाड़ों में ठंड और बढ़ सकती है, वहीं लंबे समय से सूखे से जूझ रहे प्रदेश को कुछ राहत मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा